गजलीटांड़ खान दुर्घटना की 31वीं बरसी पर सीएमडी बीसीसीएल एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद कोयला कर्मियों को दी श्रद्धांजलि

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भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के गजलीटांड़ कोलियरी में 26 सितंबर, 1995 को हुए भीषण खान दुर्घटना की 31वीं बरसी पर आज गजलीटांड़ शहीद स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले वीर कोयला कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके प्रति अपनी संवेदना एवं सम्मान व्यक्त किया।
इस अवसर निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) श्री राजेश कुमार, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष (प्रशासन) श्री मनीष मिश्रा, महाप्रबंधक (कतरास) श्री बी.के. झा सहित कतरास क्षेत्र के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने वीर कोयला कर्मियों की स्मृति में निर्मित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा उनके अदम्य साहस, त्याग एवं बलिदान को स्मरण किया।
उल्लेखनीय है कि 26 सितंबर, 1995 को गजलीटांड़ कोलियरी में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण भीषण खान दुर्घटना हुई थी। भारी वर्षा के कारण समीपवर्ती कतरी नदी (कतरी नाला) का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया और नदी का पानी तटबंधों को तोड़ते हुए पुराने खदान क्षेत्र में प्रवेश कर गया। इसके परिणामस्वरूप खदान के भूमिगत छठे पिट (10 नंबर सीम) में पानी भर गया, जहाँ उस समय लगभग 80 श्रमिक कार्यरत थे। अचानक हुए जलभराव के कारण खदान में फँसे 64 कोयला कर्मियों की असामयिक मृत्यु हो गई। केवल 16 श्रमिक ही सुरक्षित बाहर निकल सके।
इस भीषण हादसे में गजलीटांड़ खदान के 64 श्रमिकों की मृत्यु के अतिरिक्त आसपास की अन्य खदानों में भी लगभग 15 श्रमिकों की जान चली गई थी। इस प्रकार, उस दौरान हुई खान दुर्घटनाओं में कुल मृतकों की संख्या लगभग 79 तक पहुँच गई थी। यह हृदयविदारक त्रासदी कोयला उद्योग इतिहास की अत्यंत दुखद घटनाओं में से एक है, जिसमें अनेक श्रमिकों ने अपने प्राण गँवाए।
अपने संबोधन में सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज अग्रवाल ने कहा कि 26 सितंबर को गजलीटांड़ कोलियरी में हुई भीषण खान दुर्घटना बीसीसीएल खनन इतिहास की एक अत्यंत त्रासदीपूर्ण दुखद घटना है। उस हादसे में कंपनी ने अपने अनेक वीर कोयला श्रमिकों को खो दिया। उनका असामयिक निधन न केवल उनके परिवारों, बल्कि संपूर्ण बीसीसीएल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दिवंगत कोयला श्रमिकों का समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और योगदान सदैव हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा। उनकी स्मृति हमें अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने, कार्यस्थल पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा प्रत्येक कर्मचारी के जीवन और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देती है।
उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी दिवंगत कोयला कर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके परिजनों के प्रति एकजुटता एवं सहानुभूति व्यक्त की तथा उनके अमर बलिदान को बीसीसीएल परिवार के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बताया।

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