घड़ा, बाल्टी और बोतल लेकर जनपद कार्यालय पहुंचीं महिलाएं: पानी संकट पर फूटा गुस्सा

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घड़ा, बाल्टी और बोतल लेकर जनपद कार्यालय पहुंचीं महिलाएं: पानी संकट पर फूटा गुस्सा
नल-जल योजना ठप होने का आरोप, प्रदर्शन में व्यवस्थागत अनियमितताओं पर भी उठे सवाल; CEO ने दिए तत्काल राहत के निर्देश

जमुना कतमा

भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते पेयजल संकट के बीच सोमवार को जनपद पंचायत कार्यालय के सामने महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। नव-चेतना महिला फाउंडेशन के नेतृत्व में सेकेंड कॉलोनी, पुरानी दफाई और बंधवा टोला की बड़ी संख्या में महिलाएं घड़ा, बाल्टी और पानी की खाली बोतलें लेकर जनपद कार्यालय पहुंचीं और अनोखे अंदाज में धरना-प्रदर्शन किया। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल जल आपूर्ति बहाल करने और स्थायी समाधान की मांग की।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप था कि पिछले लगभग एक सप्ताह से नल-जल योजना पूरी तरह प्रभावित है, जिससे घरों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोजाना दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे घरेलू कामकाज और बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

करीब 44 डिग्री तापमान के बीच प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में देरी हो रही है और आम लोगों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

धरने के दौरान कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाए कि हाल के समय में जनपद क्षेत्र में पानी सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अनियमितताएं बढ़ी हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन समस्याओं को लेकर जनपद पंचायत CEO रवी ग्वाल से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में संबंधित अधिकारी की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

धरना-प्रदर्शन में जैनब निशा, अनीता द्विवेदी, सुनीता राठौर, आशा सिंह, सरोज विश्वकर्मा, दुर्गा सिंह, मीरा केवट, अर्चना शर्मा, नर्स भाई, हिरावती, मुन्नी केवट एवं तरसीला सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।

स्थिति को गंभीर होता देख जनपद पंचायत प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से चर्चा की गई। महिलाओं की समस्याएं सुनने के बाद CEO ने संबंधित पंचायत बदरा को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के घरों तक तत्काल पानी के टैंकर पहुंचाए जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि जब तक नल-जल योजना पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक जल व्यवस्था लगातार जारी रखी जाए।

महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ और जल संकट बना रहा, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया, लेकिन महिलाओं ने कहा कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, जमीन पर समाधान चाहती हैं।

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