एनसीएल ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को बनाया पूरी तरह डिजिटल, LADM 2.0 के साथ पारदर्शिता और गति को मिली नई उड़ान

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एनसीएल ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को बनाया पूरी तरह डिजिटल, LADM 2.0 के साथ पारदर्शिता और गति को मिली नई उड़ान

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने मोरवा पुनर्स्थापन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और हितधारक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को ‘भूमि अधिग्रहण एवं डेटा प्रबंधन प्लेटफॉर्म (LADM) 2.0’ का शुभारंभ किया। इस नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से भूमि अधिग्रहण, दस्तावेज परीक्षण, प्रतिकर भुगतान और भूमि एवं परिसंपत्तियों के स्वामित्व हस्तांतरण की संपूर्ण प्रक्रिया को और अधिक सरल, तेज तथा पारदर्शी बनाया जाएगा।

जयंत परियोजना के विस्तार के लिए चल रही मोरवा पुनर्स्थापन प्रक्रिया के तहत विकसित इस नए प्लेटफॉर्म में दस्तावेज परीक्षण एवं सत्यापन (DSVT), पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) तथा पजेशन पोर्टल को जोड़ा गया है। साथ ही पूरे एलएडीएम प्लेटफॉर्म को ईआरपी प्रणाली से भी एकीकृत किया जा रहा है, जिससे सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन एक ही मंच पर संभव होगा।

एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बी. साईराम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई डिजिटल सुविधाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि डिजिटलीकरण से पुनर्स्थापन प्रक्रिया में गति, पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। उन्होंने सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रभावित परिवारों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नए पोर्टलों के माध्यम से अब दस्तावेजों का परीक्षण एवं सत्यापन, पुनर्वास लाभों का डिजिटल प्रबंधन, भूमि एवं परिसंपत्तियों के स्वामित्व हस्तांतरण तथा प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी। इससे मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम होगा, त्रुटियों में कमी आएगी और पूरी प्रक्रिया अधिक दक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी।

एनसीएल के अनुसार एलएडीएम 2.0 के लागू होने के साथ अब सर्वेक्षण से लेकर प्रतिकर भुगतान तक पुनर्स्थापन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। सभी अभिलेख क्लाउड आधारित प्रणाली में सुरक्षित रहेंगे, जिससे डेटा का दीर्घकालीन संरक्षण, त्वरित उपलब्धता और बेहतर निगरानी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार, महाप्रबंधक (एसपीसी) निरंजन रुक्मांगद, सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल के अधिकारी-कर्मचारी तथा डेलॉयट के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध एलएडीएम 2.0 प्लेटफॉर्म में पहले से सर्वेक्षण, डिजिटल डेटा संग्रहण, ओटीपी आधारित सत्यापन, शिकायत प्रबंधन तथा भूमि एवं परिसंपत्तियों के मुआवजे की स्वचालित गणना जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। नए संस्करण के साथ यह प्रणाली भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्स्थापन प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही, डेटा सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण को नई मजबूती प्रदान करेगी।

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