दो दिवसीय भव्य “यथार्थ गीता महोत्सव” 16-17 सितंबर को 

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दो दिवसीय भव्य “यथार्थ गीता महोत्सव” 16-17 सितंबर को 

रीवा किला से निकलेगी विराट यथार्थ गीता रथयात्रा,संत समागम,अखंड पाठ के साथ गूंजेगा गीता का संदेश

संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक / मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित परमहंस धारकुंडी आश्रम शाखा अमरकंटक के स्वामी श्री लवलीन बाबा जी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि परम पूज्य यथार्थ गीता के प्रणेता विश्वगुरु महायोगेश्वर परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज की पावन प्रेरणा एवं आशीर्वाद से 16 एवं 17 सितंबर 2026 को रीवा किला से रामपुर बघेलान तक “श्रीमद्भगवद्गीता यथार्थ गीता महोत्सव”
का भव्य आयोजन किया जा रहा है । इस दो दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव में देशभर से संत-महात्माओं का आगमन होगा तथा गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।

महोत्सव का शुभारंभ 16 सितंबर को प्रातः 9 बजे रीवा किला से भव्य गीता रथयात्रा के साथ होगा । यह यात्रा रीवा किला परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों , चौक-चौराहों – व्यंकट चौराहा , शिल्पी प्लाजा , कॉलेज चौराहा , पुराना बस स्टैंड , ढेकहा , पड़रा , चोरहटा , बेला , बहेलियाभाठ , रिमांर , कोरीगमा , लामीकरही , हनुमानगंज इत्यादि स्थानों से गुजरते हुए आयोजन स्थल रामपुर बघेलान होंडा शोरूम तक पहुंचेगी । यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए गीता के संदेश का प्रचार-प्रसार करेंगे । इसी दिन 24 घंटे का अखंड यथार्थ गीता का सास्वर पाठ एवं गुणगान भी आरंभ होगा , जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो उठेगा ।

गीता रथयात्रा रामपुर बघेलान पहुंचने बाद जहां रात्रि में भव्य भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा । 17 सितंबर को संत समागम का मुख्य आयोजन होगा , जिसमें श्रद्धालुओं को संत-महात्माओं के दिव्य दर्शन , सत्संग एवं गीता प्रवचन का लाभ प्राप्त होगा । संतों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के जीवनोपयोगी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा । दोपहर में श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसाद (भंडारा) आयोजित भी किया जाएगा , जिसमें हजारों, हज़ार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है । सायंकाल सद्गुरुदेव भगवान की आरती , वंदना एवं मंगल प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन होगा ।

इस महोत्सव का मुख्य संकल्प

“वसुधैव कुटुंबकम् का शाश्वत मंत्र – श्रीमद्भगवद्गीता हो राष्ट्रीय ग्रंथ”
रखा गया है । आयोजन का उद्देश्य गीता के सार्वभौमिक संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना , मानवता , सद्भाव , नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जागरण को प्रोत्साहित करना है ।
श्री परमहंस सेवा संस्थान समिति के जनसंपर्क प्रमुख (PRO) द्वारा बताया गया है कि यह आयोजन एक धार्मिक यात्रा है जिसमें बड़ी संख्या में संपूर्ण भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों से संत महात्मा तथा
गुरु भक्तगण , सेवक , समस्त धर्मप्रेमी पहुंचेंगे । सभी भक्त , श्रद्धालुओं से आग्रह है कि परिवार सहित कार्यक्रम में पधार कर सहभागी बने और संतों के दर्शन सत्संग के साथ आशीर्वाद प्राप्त करने एवं महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील की है ।

“जन-जन गीता , घर-घर गीता” के प्रेरक संदेश के साथ आयोजित यह महोत्सव क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना , सांस्कृतिक जागरण एवं भारतीय सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है ।

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