धूल के गुबार से परेशान आमजन, सांस लेना हुआ मुश्किल
ओपन कास्ट माइंस की सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं होने से बढ़ी परेशानी
रिपोर्ट :- राकेश मिश्रा
कोतमा। जमुना-कोतमा क्षेत्र के अमांडांड ओपन कास्ट माइंस (OCM) क्षेत्र में नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से सड़क पर उड़ती धूल आमजन और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कोयला परिवहन एवं खनन क्षेत्र से उठने वाली धूल के कारण सड़कों पर दृश्यता कम होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान क्षेत्र की सड़कों पर पर्याप्त और नियमित पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए, ताकि वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण पाया जा सके। धूल के गुबार से दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर लगे SECL के प्रदूषण निगरानी डिस्प्ले बोर्ड में PM10 का स्तर 140.7 µg/m³ प्रदर्शित होता दिखाई दिया। हालांकि, यह एक समय का आंकड़ा है और पूरे दिन के प्रदूषण स्तर का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
स्थानीय नागरिकों ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) एवं जमुना-कोतमा क्षेत्र के अधिकारियों से सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने, धूल नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने तथा खदान क्षेत्र की सड़कों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है।







































































