डीएवी बुढ़ार के मोहम्मद साइब ने राष्ट्रीय खेलकूद में जीते दो स्वर्ण पदक

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डीएवी बुढ़ार के मोहम्मद साइब ने राष्ट्रीय खेलकूद में जीते दो स्वर्ण पदक

रिपोर्टर: बाबा खान, धनपुरी

गोला फेंक और चक्का फेंक में शानदार प्रदर्शन कर बढ़ाया स्कूल और संभाग का गौरव, खेलप्रेमियों ने दी बधाई

धनपुरी। प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर डीएवी विद्यालय बुढ़ार के होनहार छात्र मोहम्मद साइब ने राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। कटनी, मध्य प्रदेश में आयोजित डीएवी राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के जोनल स्तर के मुकाबलों में साइब ने गोला फेंक (शॉटपुट) और चक्का फेंक (डिस्कस थ्रो) में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय के साथ पूरे संभाग को गौरवान्वित किया।

प्रतियोगिता में करीब 500 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मोहम्मद साइब ने अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, परिजनों और खेलप्रेमियों में खुशी का माहौल है।

मोहम्मद साइब पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भी वह प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। उनकी इस सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और परिवार का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साइब के पिता शेख कैसर एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र स्थित अमलाई ओसीएम में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां अफरोज परवीन गृहिणी हैं। मां अफरोज परवीन बच्चों की पढ़ाई और खेल गतिविधियों में पूरा सहयोग करती हैं। परिवार के इसी प्रोत्साहन और साइब की मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

इस उपलब्धि पर धनपुरी नगर के गणमान्य नागरिकों और खेलों में रुचि रखने वाले लोगों ने मोहम्मद साइब तथा उनके माता-पिता को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

खेल विशेषज्ञों और शिक्षकों का मानना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी है। नियमित शारीरिक व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है और अनुशासन, आत्मविश्वास तथा एकाग्रता का विकास होता है। विद्यालयों में आयोजित खेल प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं।

मोहम्मद साइब की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। यदि बच्चों को विद्यालय, परिवार और समाज का उचित मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन मिलता रहे, तो वे भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

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