बदरा में फिर चोरों की दस्तक, शंकर ज्वेलर्स को दोबारा निशाना बनाने का प्रयास!
कुछ दिन पहले लाखों की चोरी का अब तक नहीं हुआ खुलासा, CCTV में देर रात संदिग्ध गतिविधियां कैद; क्षेत्र में बढ़ते अपराधों को लेकर लोगों में चिंता
जमुना कोतमा। भालूमाड़ा थाना क्षेत्र के बदरा बस स्टैंड स्थित शंकर ज्वेलर्स एक बार फिर संदिग्ध गतिविधियों के चलते चर्चा में है कुछ दिन पहले इसी दुकान में शटर तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण चोरी होने की घटना के बाद अब दोबारा दुकान के आसपास संदिग्धों की गतिविधियां CCTV कैमरे में कैद हुई हैं घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है
बताया गया कि पूर्व में अज्ञात चोरों ने शंकर ज्वेलर्स का शटर तोड़कर दुकान में प्रवेश किया था इस दौरान करीब 1.3 किलो चांदी के आभूषण तथा सोने के कुछ जेवर चोरी होने की जानकारी सामने आई थी चोरों ने दुकान में रखी तिजोरी को तोड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन तिजोरी खोलने में सफल नहीं हो सके घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन अभी तक चोरी का खुलासा नहीं होने से व्यापारी और स्थानीय लोग चिंतित हैं
आधी रात फिर दिखाई दिए संदिग्ध
अब सामने आए CCTV फुटेज में रात के समय दुकान और आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं फुटेज में अलग-अलग समय पर संदिग्ध व्यक्ति दुकान के आसपास आते-जाते नजर आ रहे हैं कुछ दृश्यों में व्यक्ति की चाल-ढाल और पहनावा स्पष्ट दिखाई देता है, जबकि कम रोशनी और कैमरे की दूरी के कारण चेहरे स्पष्ट नहीं हैं
फुटेज में एक व्यक्ति हल्के रंग के कपड़ों में तथा दूसरे संदिग्ध की गतिविधियां भी दिखाई देती हैं उपलब्ध फुटेज के आधार पर इनकी पहचान की पुष्टि नहीं की जा सकती पुलिस द्वारा CCTV फुटेज की जांच कर संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है
पहले चोरी, अब दोबारा प्रयास ने बढ़ाई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले इसी दुकान में बड़ी चोरी होने के बाद यदि अब दोबारा संदिग्ध गतिविधियां सामने आ रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है लोगों का सवाल है कि पिछली घटना में शामिल आरोपियों का अब तक पता क्यों नहीं चल पाया हालांकि वर्तमान CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों का पिछली चोरी से संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा
व्यापारियों का कहना है कि लगातार चोरी की घटनाओं से दुकानदारों में भय का माहौल बन रहा है रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है
चोरी के साथ अन्य अवैध गतिविधियों को लेकर भी सवाल
जमुना-कोतमा और आसपास के क्षेत्रों में रेता चोरी के अलावा पशु तस्करी, अवैध कबाड़ और अवैध शराब के परिवहन जैसी गतिविधियों को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं जमुना क्षेत्र से रात के समय छत्तीसगढ़ की ओर अवैध शराब भेजे जाने की शिकायतों के बीच रामनगर पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने का मामला भी सामने आया है
क्षेत्र में कुछ दवाइयों के नशे के रूप में कथित उपयोग को लेकर भी नागरिकों ने चिंता जताई है लोगों का कहना है कि इन गतिविधियों पर लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे
पुलिस अधीक्षक से जल्द कार्रवाई की मांग
शंकर ज्वेलर्स की घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब से मांग की है कि पूर्व में हुई चोरी का जल्द खुलासा किया जाए और अब सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए साथ ही बदरा बस स्टैंड और आसपास के बाजार क्षेत्र में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी की गई है
लोगों का कहना है कि जिन व्यापारियों के यहां चोरी होती है, उनके लिए यह केवल सामान का नुकसान नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी पर बड़ा आघात होता है चोरी के बाद आरोपी लंबे समय तक गिरफ्त से बाहर रहें तो पीड़ित परिवारों में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ती है
सवालों के घेरे में रात्रि सुरक्षा व्यवस्था
शंकर ज्वेलर्स में पहले चोरी और अब दोबारा संदिग्ध गतिविधियों का CCTV में सामने आना क्षेत्र की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है नागरिकों का कहना है कि बदरा सहित आसपास के बाजार क्षेत्रों में नियमित रात्रि गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और पुराने मामलों के त्वरित खुलासे पर पुलिस को विशेष ध्यान देना चाहिए
फिलहाल भालूमाड़ा पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर जांच में जुटी है फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्धों की वास्तविक पहचान और उनका किसी अपराध से संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि पिछली चोरी का खुलासा कब होता है और ताजा मामले में पुलिस संदिग्धों तक कितनी जल्दी पहुंचती है







































































