अडानी थर्मल पावर के बैराज पर फूटा जनाक्रोश: जल संकट से त्रस्त ग्रामीणों का प्रदर्शन
नदी पर बने एनीकट को बताया अवैध, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; पुलिस बल की मौजूदगी में खोला गया पानी

कोतमा/अनूपपुर।
कोतमा क्षेत्र में Adani Group की अनूपपुर थर्मल पावर परियोजना को लेकर एक बार फिर स्थानीय लोगों का आक्रोश सामने आया है। मझौली पंचायत अंतर्गत नदी पर कंपनी द्वारा बनाए गए एनीकट (बैराज) के कारण क्षेत्र में गंभीर जल संकट उत्पन्न होने का आरोप लगाते हुए सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों और युवाओं ने प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी द्वारा नदी पर बनाए गए बांध में पानी भरा हुआ है, जबकि कोतमा, पसान नगर पालिका सहित नदी किनारे बसे लगभग आधा सैकड़ा से अधिक गांवों के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पिछले तीन दिनों से बढ़ते जल संकट से परेशान होकर रामजी रिंकू मिश्रा और गुड्डू चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवक बैराज स्थल पर पहुंचे और नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख प्रशासन भी सतर्क हो गया। मौके पर राजस्व और पुलिस अधिकारियों के साथ कंपनी के प्रतिनिधि भी पहुंचे। स्थिति को देखते हुए बांध के नीचे से पानी का कुछ हिस्सा छोड़ा गया, जिससे नदी में जल प्रवाह शुरू हो सका।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने नदी के ऊपर अस्थायी सड़क बनाकर प्राकृतिक जल प्रवाह और जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व को भी खतरे में डाल दिया है। साथ ही अवैध ब्लास्टिंग के कारण नदी का पानी भी प्रदूषित और जहरीला होने की आशंका जताई गई है।
प्रदर्शन के दौरान मझौली और खमरौध पंचायत की सीमा पर स्थित बैराज स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। बिजुरी, कोतमा, रामनगर और भालूमाड़ा थाना क्षेत्रों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी विकास सिंह, रत्नांबर शुक्ल, सुमित कौशिक, सोनेसिंह परस्ते सहित प्रशासनिक अमला सुबह से शाम तक मौके पर मौजूद रहा।
इस दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से बने एनीकट को हटाने, जल संकट से राहत दिलाने तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में रामजी रिंकू मिश्रा, गुड्डू चौहान, मझौली सरपंच चंदा पनिका, उमरदा सरपंच अखलेश सिंह, रफी अहमद, अभिषेक साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल संकट का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।






