आयुष्मान कार्ड बना गरीब परिवारों के लिए संजीवनी, निजी अस्पतालों में भी मिल रहा निःशुल्क इलाज

---Advertisement---

आयुष्मान कार्ड बना गरीब परिवारों के लिए संजीवनी, निजी अस्पतालों में भी मिल रहा निःशुल्क इलाज

शहडोल में हजारों परिवारों को राहत, गंभीर बीमारियों और महंगे उपचार का खर्च उठा रही योजना; हितग्राहियों ने बताया जीवन में आया बड़ा बदलाव

शहडोल। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहडोल जिले के गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। इसका लाभ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी पात्र मरीजों को मिल रहा है।

योजना की जमीनी स्थिति और इसके वास्तविक प्रभाव को जानने के लिए संवाददाता अरुण द्विवेदी ने शहडोल जिले के विभिन्न अशासकीय अस्पतालों का दौरा कर मरीजों, हितग्राहियों और चिकित्सकों से बातचीत की। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से अनेक जरूरतमंद मरीज गंभीर बीमारियों का उपचार निजी अस्पतालों में भी करा रहे हैं।

गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक चिंता हुई कम

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आए हितग्राहियों ने बताया कि परिवार में किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर सबसे बड़ी चिंता इलाज के खर्च की होती थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महंगे ऑपरेशन, जांच और लंबे उपचार का खर्च उठाना मुश्किल होता था। कई परिवारों को इलाज के लिए कर्ज लेने अथवा अपनी जमा पूंजी और संपत्ति तक खर्च करने की चिंता रहती थी।

आयुष्मान कार्ड ने ऐसे परिवारों की इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। पात्र हितग्राहियों को योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध बीमारियों और निर्धारित पैकेज के अनुसार उपचार की सुविधा मिल रही है। निजी अस्पतालों में भी योजना के तहत उपचार मिलने से मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

हृदय, किडनी और सर्जरी जैसे उपचार में भी लाभ

अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के अनुसार आयुष्मान योजना के अंतर्गत विभिन्न गंभीर बीमारियों के मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। हृदय रोग, किडनी से संबंधित उपचार, सर्जरी सहित अनेक चिकित्सा सेवाओं का लाभ पात्र मरीजों को योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मिल रहा है।

हितग्राहियों का कहना है कि जिन उपचारों का खर्च सामान्य परिवार के लिए उठाना कठिन होता है, वही उपचार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। समय पर इलाज मिलने से मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक एवं आर्थिक दोनों स्तरों पर सहारा मिला है।

इलाज के साथ परिवार की आर्थिक सुरक्षा भी

योजना का एक महत्वपूर्ण प्रभाव यह भी सामने आया कि गंभीर बीमारी के दौरान परिवार की पूरी बचत इलाज में खर्च होने से बच रही है। गरीब परिवारों के लिए यह राहत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बीमारी के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई सहित अन्य खर्चों का बोझ भी बना रहता है।

हितग्राहियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के कारण उन्हें बड़े अस्पताल में उपचार कराने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति से समझौता नहीं करना पड़ा। महंगे उपचार और ऑपरेशन की स्थिति में योजना से मिलने वाली सहायता परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई।

हितग्राहियों ने बताया अपना अनुभव

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कृष्ण कुमार मिश्रा, मोहम्मद अयूब, मोतीलाल बैगा, चंदन वर्मा और मृगेंद्र त्रिपाठी सहित अन्य हितग्राहियों ने योजना से मिले उपचार और राहत के अपने अनुभव साझा किए। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बीमारी के समय इलाज की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा मिलने के बाद इस चिंता में काफी कमी आई है।

हितग्राहियों ने कहा कि योजना का लाभ मिलने से उन्हें समय पर उपचार कराने का अवसर मिला और परिवार को आर्थिक संकट से बचाने में मदद मिली। उन्होंने इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बताया।

निजी अस्पतालों में भी योजना का लाभ

शहडोल जिले की ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में पात्र कार्डधारकों को योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उन मरीजों को भी विकल्प मिल रहा है, जिन्हें गंभीर बीमारी की स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता होती है।

हालांकि, योजना के अंतर्गत उपचार संबंधित पैकेज, अस्पताल की सूचीबद्धता और पात्रता के निर्धारित नियमों के अनुसार ही उपलब्ध होता है। इसलिए मरीजों और परिजनों के लिए आवश्यक है कि उपचार से पहले योजना के तहत उपलब्ध सुविधा और संबंधित अस्पताल की मान्यता की जानकारी प्राप्त कर लें

‘स्वस्थ भारत, स्वस्थ समाज’ की दिशा में कदम

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। शहडोल में हितग्राहियों के अनुभव बताते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी बड़ा खर्च गरीब परिवारों के लिए कितनी बड़ी चुनौती हो सकता है और ऐसी स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है।

हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचने से समाज के अंतिम व्यक्ति को भी बेहतर उपचार का अवसर मिल रहा है

शहडोल की यह ग्राउंड रिपोर्ट इस बात को सामने लाती है कि स्वास्थ्य सुरक्षा केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक संकट से बचाने का भी माध्यम है। आयुष्मान कार्ड के जरिए पात्र परिवारों को उपचार की सुविधा मिलने से ‘स्वस्थ भारत, स्वस्थ समाज’ के संकल्प को मजबूती मिल रही है

ग्राउंड रिपोर्ट : अरुण द्विवेदी, संवाददाता शहडोल
मोबाइल : 8770191637

बाइट: डॉ. सीपी शर्मा, चिकित्सक | कृष्ण कुमार मिश्रा, हितग्राही | मोहम्मद अयूब, हितग्राही | मोतीलाल बैगा, हितग्राही | चंदन वर्मा, हितग्राही | मृगेंद्र त्रिपाठी, हितग्राही

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment