शहडोल, 24 अक्टूबर।
शहडोल के पुरानी बस्ती क्षेत्र में रहने वाली 75 वर्षीय निःसंतान एवं दिव्यांग विधवा महिला शांति बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है तथा करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति, आभूषण और पेंशन राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों के अनुसार शांति बाई के पति स्वर्गीय देवी सिंह रेलवे में लोको पायलट थे। उनकी मृत्यु के बाद शांति बाई करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्ति की एकमात्र स्वामिनी थीं। परिजनों का आरोप है कि वृद्धावस्था और दिव्यांगता का लाभ उठाकर कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति और आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने का प्रयास किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृतका की बहन सुशीला हरी सिंह तथा अन्य परिजनों ने दावा किया कि शांति बाई के सोने-चांदी के आभूषण, गृहस्थी का कीमती सामान और अन्य संपत्तियां अब दिखाई नहीं दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतका की मेहनत की कमाई तथा संपत्ति का अनुचित उपयोग किया गया।
परिजनों ने यह भी कहा कि शांति बाई को उनके पति की रेलवे सेवा से पारिवारिक पेंशन प्राप्त होती थी। उनका आरोप है कि पर्याप्त आय होने के बावजूद महिला को बेहतर देखभाल नहीं मिली और उन्हें उपेक्षित परिस्थितियों में रखा गया। इसके अलावा उन्होंने महिला की मौत को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले में विस्तृत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
(नोट: यह समाचार परिजनों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेजों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि एवं प्रशासनिक जांच होना बाकी है।)






































































