- दो दिन में स्वास्थ्य केंद्र को मिलेगी एंबुलेंस
कठौतिया-जनकपुर की 98 किलोमीटर सड़क के लिये 304 करोड़ रुपये स्वीकृत, डेढ़ महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी
मनेन्द्रगढ़। मनेन्द्रगढ़ केल्हारी बस हादसे के बाद बिहारपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की मांग पर सरकार की ओर से पहल की गई है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बिहारपुर स्वास्थ्य केंद्र के लिये नई एंबुलेंस की मांग को तत्काल मंजूरी देने की जानकारी दी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि आगामी दो दिनों के भीतर एंबुलेंस बिहारपुर पहुंच जायेगी। इसके साथ ही क्षेत्र की महत्वपूर्ण कठौतिया-जनकपुर सड़क परियोजना के लिये 304 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की जानकारी भी दी गई।
हादसे के बाद सामने आई समस्याओं के बीच एंबुलेंस की उपलब्धता और सड़क सुधार को लेकर की गई इस पहल से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिये समय पर चिकित्सा सुविधा और बेहतर सड़क संपर्क लंबे समय से महत्वपूर्ण जरूरत रही हैं।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि बिहारपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिये लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। पहाड़ी और जंगलों से होकर गुजरने वाले रास्तों के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में बिहारपुर स्वास्थ्य केंद्र के लिये नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार दो दिनों के भीतर एंबुलेंस पहुंचने से दुर्घटना में घायल लोगों, गंभीर मरीजों और अन्य जरूरतमंदों को अस्पताल तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कठौतिया-जनकपुर सड़क के लिये 304 करोड़ रुपयों की मंजूरी
बिहारपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ सड़क संपर्क भी एक बड़ी जरूरत के रूप में सामने आया है। इसे देखते हुए कठौतिया से जनकपुर तक लगभग 98 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के लिये करीब 304 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आगामी डेढ़ महीने के भीतर सड़क निर्माण के लिये टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में काम किया जायेगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस सड़क परियोजना से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, आपातकालीन सेवाओं को दूरस्थ गांवों तक ले जाने और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।
खराब सड़कों पर तत्काल राहत के निर्देश
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान ग्रामीण मार्गों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। कई स्थानों पर खराब रास्तों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में सड़क की स्थिति खराब होने से आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इस पर मंत्री ने मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर को संबंधित खराब मार्गों पर तत्काल मुरूम डालकर उन्हें आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिये। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को तात्कालिक राहत देना और स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की पहुंच को आसान बनाना है।
हादसे के बाद बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ा ध्यान
मनेन्द्रगढ़-केल्हारी बस हादसे के बाद बिहारपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क व्यवस्था को लेकर उठी मांगों पर एंबुलेंस की मंजूरी, सड़क परियोजना के लिये बजट स्वीकृति की जानकारी और खराब मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश महत्वपूर्ण कदम हैं।
अब क्षेत्रवासियों को नई एंबुलेंस मिलने और सड़क सुधार के तात्कालिक कार्य शुरू होने का इंतजार है वहीं कठौतिया जनकपुर सड़क परियोजना की टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य की शुरुआत पर भी लोगों की निगाहें रहेंगी।
बिहारपुर के लिये एंबुलेंस की मंजूरी और 304 करोड़ रुपयों की सड़क परियोजना से जुड़ी घोषणा ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं तथा आवागमन की सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद जगाई है।







































































