केल्हारी बस दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचीं
सेमरमथानी हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों से मिलकर जताई संवेदना, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर गर्भवती महिला के लिये मांगी अतिरिक्त राहत
मनेन्द्रगढ़/केल्हारी। सेमरमथानी मोड़ पर हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद प्रभावित परिवारों का दुख बांटने शनिवार को भरतपुर सोनहत विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह पीड़ितों के घर पहुंचीं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उन्होंने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में उन्हें धैर्य रखने का संबल दिया। दुर्घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों के बीच पहुंचकर विधायक ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस हादसे से जुड़ी एक और हृदयविदारक घटना सामने आने के बाद विधायक रेणुका सिंह ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिये पहल की। दुर्घटना में एक गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की पुष्टि होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से फोन पर चर्चा की। विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस दुखद परिस्थिति को रखते हुए संबंधित महिला को भी 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने महिला को 5 लाख रुपये की सहायता देने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषित की थी सहायता राशि
गौरतलब है कि बस दुर्घटना में हुई जनहानि और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। गर्भवती महिला के साथ हुई दुखद घटना को देखते हुए विधायक ने उसके लिये भी सहायता सुनिश्चित करने का विषय मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया।
अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की ली थी जानकारी
पीड़ित परिवारों से मुलाकात से पहले शुक्रवार को रेणुका सिंह मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल पहुंची थीं। वहां उन्होंने दुर्घटना में घायल लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिये थे कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही ना हो और सभी को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जायें।
बस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। ऐसे समय में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा साझा करने और सहायता के लिये शासन स्तर पर पहल करने की विधायक की कोशिश को प्रभावित परिवारों के लिये राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







































































