नवरात्र में भी मुख्य बाजार में चिकन-अंडे की दुकानों से गंदगी और दुर्गंध, राहगीर परेशान

---Advertisement---

नवरात्र में भी मुख्य बाजार में चिकन-अंडे की दुकानों से गंदगी और दुर्गंध, राहगीर परेशान

सड़क किनारे फेंका जा रहा वेस्ट, जमा हो रहे आवारा कुत्ते; दुर्घटना और हमले का खतरा
आखिर क्यों नहीं हो रही है चिकन अंडा मांस मछली विक्रय करने वालों के लिए अलग से स्थान और दुकान

सुरेश शर्मा की रिपोर्ट

भालूमाड़ा—- नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र पुरानी नगर पालिका रोड में सड़क किनारे संचालित मुर्गा, अंडा एवं चिकन की दुकानों से निकलने वाले वेस्ट के कारण आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों से निकलने वाला अपशिष्ट खुले में सड़क किनारे फेंके जाने से क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, चिकन एवं मांस का वेस्ट खुले में डाले जाने के कारण बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते सड़क पर जमा हो जाते हैं। कुत्तों के झुंड के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है तथा अचानक कुत्तों के सड़क पर आने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। वर्तमान समय पर नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है और शाम होते ही नगर के श्रद्धालु बच्चे महिलाएं बड़ी संख्या में पैदल ही माता रानी के दर्शन के लिए निकलते हैं और इस मार्ग से गुजरते समय गंदगी के साथ-साथ एक डर सा बना रहता है कितनी बड़ी संख्या में एकत्र कुत्ते उन्हें नुकसान न पहुंचा दें पिछले वर्ष शान द्वारा पूरे नवरात्र के समय इस तरह की दुकानों को प्रतिबंधित किया गया था लेकिन इस वर्ष ऐसा कोई नियम कोई समाधान ना तो स्थानीय प्रशासन के द्वारा नजर रहा है और ना ही प्रदेश सरकार के द्वारा कोई जानकारी मिल पाई है

नागरिकों का कहना है कि मुख्य बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में दुकानों से निकलने वाले वेस्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। सड़क और नालियों में अपशिष्ट फेंकने पर संबंधित दुकानदारों की जिम्मेदारी तय करने के साथ नियमित सफाई व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि मुख्य बाजार क्षेत्र का निरीक्षण कर खुले में वेस्ट फेंकने पर कार्रवाई की जाए, दुकानों से निकलने वाले अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था कराई जाए और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। इससे बाजार की स्वच्छता के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
नगर में मांस मछली विक्रय के लिए अलग से की जाए व्यवस्था— नगर की यह समस्या कोई आज की नहीं और ना एक वर्ष दो वर्ष की है पिछले लगभग 10 – 15 वर्षों से यह समस्या यहां के लोगों के लिए यहां के व्यापारियों के लिए यहां के राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है जब भी कोई स्थानीय प्रशासन आता है हर बार उससे यही मांग की जाती है कि कम से कम इन दुकानदारो के लिए पृथक से दुकान बनवाकर उनके लिए समुचित व्यवस्था कराकर उनकी दुकानों को अलग किया जाए जिससे बाजार में गंदगी ना हो स्वच्छता बनी रहे आम लोगों को परेशानी ना हो और ना ही किसी की धार्मिक भावनाऐ आहत हो कुछ समय पहले ही नगर पालिका द्वारा भालूमाडॉ सब्जी मंडी के समीप एक मछली विक्रय केंद्र बनाया गया था तब भी लोगों ने मांग की थी कि जहां पर मछली केंद्र बनाया गया है उसी के पास में 8 10 दुकान बनवाकर इन व्यापारियों को दे दिया जाए लेकिन मछली विक्रय केंद्र तो बन गया और बनने के बाद शुभारंभ भी हुआ लेकिन आज तक उसका ताला नहीं खुला और आलम यह है कि आज भी नगर में मछली की दुकान जो जहां चाहता है वही लगा रहा है।
स्थानीय प्रशासन पर भी उठ रहे सवाल— नगर की मुख्य बाजार में सड़क किनारे मुर्गा अंडा चिकन की दुकानों से समस्या गंदगी, सड़क पर वेस्ट फेंकना ,जिससे सैकड़ो कुत्ते सड़क पर होते हैं लोगों को खतरा होता है जो नियमों के अनुरूप नहीं है दुकानों से निकलने वाले वेस्ट को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप एकत्र करके निस्तारित किया जाना चाहिए इसके लिए स्थानीय निकाय को व्यवस्था करनी चाहिए यहां पर सवाल केवल इसी का नहीं बल्कि मामला सफाई के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा स्वच्छता अपशिष्ट निस्तारण और स्थानीय निकाय के द्वारा दिए गए लाइसेंस या अनुमति की भी गंभीरता पर बड़े सवाल उठते हैं।
धार्मिक स्थल के समीप हो रहा चिकन मुर्गी अंडे का विक्रय—- पुरानी नगर पालिका रोड में यहां पर एसीसी के समय से शिव मंदिर है जहां आसपास के लोग प्रतिदिन पूजा अर्चना करने आते हैं और शिव मंदिर से 20 कदम पर ही चिकन अंडे की दुकान एक लाइन से लेकर चौराहे तक हैं दुकानदारों के द्वारा फैलाई जा रही गंदगी दुकान की साफ-सफाई कर रोड में बहने वाले पानी से बदबू खुले में चिकन काटना सामने रखना जिस कारण से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन गंभीर नहीं है।।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment