सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कोल इंडिया की बड़ी पहल, पेंशन से लेकर इलाज तक मिली नई सुविधाएं
4.5 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ, न्यूनतम पेंशन बढ़ी, 532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज और डिजिटल सेवाओं से आसान हुई प्रक्रिया

बिलासपुर। देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंपनी ने पेंशन प्रशासन के डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रभावी बनाकर 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाने का प्रयास किया है। इन पहलों को राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में वर्षों तक योगदान देने वाले पूर्व कर्मचारियों के प्रति कंपनी की जिम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
कोल इंडिया द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सबसे बड़ा निर्णय कोल माइंस पेंशन योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर 1,000 रुपये करना रहा। इस फैसले का सीधा लाभ लगभग 40 हजार पेंशनभोगियों को मिला है। इससे सेवानिवृत्त खनिकों एवं उनके आश्रित परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।
डिजिटल हुआ पेंशन प्रशासन, 30 दिन का काम अब 10 दिन में
सीआईएल ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (सीएमपीएफओ) के सहयोग से सी-केयर्स (C-CARES) डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेंशन प्रशासन को आधुनिक स्वरूप दिया है। इसके परिणामस्वरूप सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटान की औसत अवधि 30 दिनों से घटकर केवल 10 दिन रह गई है।
कंपनी अब पेंशन संशोधन तथा संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को भी ऑनलाइन जारी करने के लिए नए डिजिटल मॉड्यूल विकसित कर रही है। इससे पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और अधिक पारदर्शी बन सकेगी। साथ ही सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने तथा सीएमपीएफ की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी लागू की गई है। ग्रेच्युटी का भुगतान भी निर्धारित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है।
परिवार को भी मिलेगा लाभ
सीआईएल ने संशोधित पीपीओ में पात्र जीवनसाथी का विवरण शामिल करने की व्यवस्था की है। इससे पेंशन वितरण करने वाले बैंक बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के सामान्य पारिवारिक पेंशन के मामलों का त्वरित निपटान कर सकेंगे। यह व्यवस्था परिवारों को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रिया से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हर कंपनी में बने पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट सेल
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए कोल इंडिया मुख्यालय सहित उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (पीआरबी) सेल स्थापित किए गए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां उन्हें पेंशन, चिकित्सा, शिकायत और अन्य सेवाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीआईएल ने अंशदायी सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (सीपीआरएमएस) के अंतर्गत पंजीकृत लगभग 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई है।
इस योजना के तहत सेवानिवृत्त अधिकारियों को 25 लाख रुपये तथा गैर-अधिकारियों को 8 लाख रुपये तक का चिकित्सा कवरेज दिया जाता है। गंभीर अधिसूचित बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इन सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि गंभीर परिस्थितियों में कर्मचारियों और उनके परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
पीएफ और पेंशन वितरण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (पीएफ) वितरण में 19.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह राशि बढ़कर 13,608.8 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 11,391.6 करोड़ रुपये थी।
इसी प्रकार पेंशन वितरण में 22.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए यह 6,427 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 5,229.1 करोड़ रुपये था। इस प्रकार वित्त वर्ष 2025-26 में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल 3,415.1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई, जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अवकाश गृहों की सुविधा भी मिलेगी
कोल इंडिया अपने सूचीबद्ध हॉलीडे होम्स की सुविधा भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उपलब्ध करा रही है, जिससे वे सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर सामाजिक जीवन, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समय का लाभ उठा सकें।
कोल इंडिया का कहना है कि भविष्य में भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले पूर्व कर्मियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराया जा सके।















