नगरीय निकाय के कर्मचारियों को उच्च न्यायालय से मिली राहत,स्थानांतरण आदेशों पर लगी रोक मिला स्थगन
अनूपपुर-
नगर पालिका परिषद कोतमा,जिला अनूपपुर के कर्मचारियों ईश्वर दास, मनीष कुमार गर्ग एवं सैयद अनवर हुसैन को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से अंतरिम राहत प्राप्त हुई है।
माननीय उच्च न्यायालय ने उनके विरुद्ध जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रियान्वयन पर राहत प्रदान करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किया कि राज्य शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन को है,इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश सक्षम प्राधिकारी के स्थान पर अन्य अधिकारी द्वारा जारी किए गए,जो विधि एवं नीति के विपरीत हैं।
ईश्वर दास और मनीष कुमार गर्ग के प्रकरण में मान. उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय पाते हुए स्थानांतरण आदेश पर आगामी सुनवाई तक रोक लगाई तथा शासन एवं अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं सैयद अनवर हुसैन के प्रकरण में अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने न्यायालय का ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित किया कि स्थानांतरण नीति के पैरा 13 के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में रिक्त पदों की पूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए,याचिकाकर्ता वर्तमान में अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ हैं,फिर भी उनका स्थानांतरण कर दिया गया जबकि उनके स्थान पर किसी अन्य कर्मचारी की पदस्थापना नहीं की गयी है,यह स्थानांतरण नीति के प्रावधानों के विपरीत है। इस संबंध में शासन पक्ष द्वारा न्यायालय को आश्वस्त किया गया।
उक्त आदेशों से नगर पालिका परिषद कोतमा के कर्मचारियों को राहत मिली है तथा यह निर्णय स्थानांतरण नीति, अनुसूचित क्षेत्रों में रिक्त पदों की पूर्ति तथा प्रशासनिक नियमों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




































