ईमली गोलाई में विवाद की सूचना देकर किया औचक परीक्षण, अत्याधुनिक डायल-112 वाहन की कार्यप्रणाली का लिया जायजा
एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। आम नागरिकों को आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता और तत्परता का परीक्षण करने के लिये पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) ने स्वयं औचक निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने बिना किसी पूर्व सूचना के डायल-112 कंट्रोल रूम में कॉल कर ईमली गोलाई मोड़ पर कुछ लोगों के बीच विवाद और झगड़े की सूचना दी। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित डायल-112 वाहन को तत्काल अलर्ट कर मौके के लिये रवाना किया गया।
डायल-112 टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए लगभग 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने टीम की सक्रियता, सूचना प्राप्ति के बाद की कार्रवाई, घटनास्थल तक पहुंचने में लगे समय तथा समग्र कार्यप्रणाली का निरीक्षण और मूल्यांकन किया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह ने बताया कि ऐसे औचक परीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को समय पर और प्रभावी सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाना पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से डायल-112 सेवा को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संचालित नेक्स्ट जेनरेशन डायल-112 वाहन अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। वाहनों में लगाये गये हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे 24 घंटे लाइव मोड में संचालित रहते हैं जिससे वाहन की गतिविधियों और मौके पर की जाने वाली कार्यवाही की निगरानी की जा सकती है। इससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
एसपी श्रीमती रत्ना सिंह ने बताया कि शहरी और आसपास के क्षेत्रों में डायल-112 का सामान्य रिस्पॉन्स टाइम 10 से 15 मिनट रहता है जबकि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में यह समय लगभग 20 से 25 मिनट तक हो सकता है। विभाग द्वारा इस समय को और बेहतर बनाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित डायल-112 वाहन संबंधित स्थानीय थाना और थाना प्रभारियों के निर्देशन और समन्वय में कार्य करते हैं। सूचना प्राप्त होने पर स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल स्थापित कर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है जिससे लोगों को समयबद्ध सहायता मिल सके।
पुलिस अधीक्षक ने डायल-112 में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि त्वरित कार्यवाही के साथ-साथ पीड़ितों, शिकायतकर्ताओं और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील, सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस का व्यवहार ही आमजन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि डायल-112 सेवा केवल अपराध संबंधी मामलों तक सीमित नहीं है बल्कि सड़क दुर्घटना, मारपीट, पारिवारिक विवाद, महिला सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य आपात परिस्थितियों में भी नागरिक इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहकर जरूरतमंदों को तत्काल सहायता प्रदान कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह ने जिलेवासियों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक डायल-112 पर संपर्क करें तथा इस सेवा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें साथ ही डायल-112 के अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग करें ताकि वे और अधिक तत्परता और दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
उल्लेखनीय है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डायल-112 वाहनों के माध्यम से प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी आपातकालीन सहायता पहले की अपेक्षा अधिक तेजी से उपलब्ध हो रही है।




































