अर्थी प्रदर्शन और चक्काजाम का दिखा असर: भालूमारा-कोतमा मुख्य मार्ग की मरम्मत शुरू
शिवसेना के आंदोलन के बाद जागा प्रशासन, 15 दिनों में सड़क दुरुस्त करने का दावा
भालूमारा, 10 जून। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी भालूमारा-कोतमा मुख्य सड़क को लेकर जनता की परेशानियों के बीच आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। शिवसेना द्वारा किए गए अनोखे “अर्थी प्रदर्शन” और चक्काजाम आंदोलन के बाद बुधवार से सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। क्षेत्रवासियों का मानना है कि जनदबाव और आंदोलन के चलते ही प्रशासन को सड़क सुधार की दिशा में कदम उठाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार भालूमारा-कोतमा मुख्य मार्ग कई महीनों से बड़े-बड़े गड्ढों और बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का कारण बन रहा था। राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय ग्रामीणों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार शिकायतों के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब शिवसेना ने सड़क की दुर्दशा के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका।
शिवसेना संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुछ दिनों पूर्व सड़क पर बने गड्ढों की प्रतीकात्मक पूजा कर प्रशासन की “संवेदनहीनता की अर्थी” निकाली और चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया। इस अनूठे प्रदर्शन ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा बटोरी।
जनता की आवाज बनी शिवसेना
आंदोलन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए शिवसेना संभाग अध्यक्ष पवन पटेल ने कहा कि संगठन ने लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से जनता की समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया था।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं था, बल्कि जनता की पीड़ा को प्रशासन तक पहुंचाना था। खुशी है कि हमारी आवाज सुनी गई और सड़क मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। अब हमारी मांग है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ हो और निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके।”
गड्ढे भरने का काम शुरू, लोगों में खुशी
बुधवार सुबह से ही मजदूरों और मशीनों को सड़क पर काम करते देखा गया। प्रारंभिक चरण में सड़क के बड़े गड्ढों को भरने का कार्य शुरू किया गया है। लंबे समय से खराब सड़क से परेशान स्थानीय नागरिकों ने मरम्मत कार्य शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया है।
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यदि शिवसेना आंदोलन नहीं करती तो शायद सड़क सुधार का कार्य और लंबे समय तक टलता रहता। लोगों ने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं और संगठन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
15 दिनों में सड़क सुधार का आश्वासन
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सड़क मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आगामी 15 दिनों के भीतर सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सड़क मरम्मत का कार्य कितनी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा होता है। जनता को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही यह समस्या जल्द ही पूरी तरह समाप्त होगी और उन्हें सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा मिल सकेगी।






































