रुक्मणी विवाह प्रसंग में झूम उठा कोयलांचल, कान्हा की बारात ने बांधा समां

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रुक्मणी विवाह प्रसंग में झूम उठा कोयलांचल, कान्हा की बारात ने बांधा समां

भक्ति, संगीत और उत्साह से सराबोर हुआ कथा स्थल, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद और आशीर्वाद

जमुना-कोतमा। जमुना-कोतमा का कोयलांचल क्षेत्र इन दिनों धार्मिक आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में डूबा हुआ है। वार्ड क्रमांक 7, भालूमाड़ा थाना के पास पसान स्थित पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू मिश्रा एवं श्रीमती सीता मिश्रा के निवास पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा स्थल पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंगा नजर आ रहा है, जहां “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयघोष लगातार गूंज रहे हैं

दिनांक 18 मई 2026 को आयोजित रुक्मणी विवाह प्रसंग ने पूरे कोयलांचल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। विख्यात कथावाचक आचार्य पं. धर्मेन्द्र अवस्थी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और संगीतमय वर्णन किया गया, जिसे सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक उल्लास में बदल गया और श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते एवं नृत्य करते दिखाई दिये

कान्हा की बारात बनी आकर्षण का केंद्र

रुक्मणी विवाह प्रसंग के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भव्य बारात विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ नृत्य करते हुए बारात लेकर कथा स्थल पहुंचे। बच्चों और युवाओं ने कान्हा की बारात का उत्साहपूर्वक स्वागत किया पूरे आयोजन में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो द्वापर युग का दृश्य सजीव हो उठा हो

महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी रही और सभी ने विवाह प्रसंग का आनंद लिया। नगर के प्रथम व्यक्ति राम अवध सिंह सहित हजारों श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया

शीतल आइसक्रीम प्रसाद ने बढ़ाया आकर्षण

भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिये विशेष व्यवस्था की गई। आयोजन में आशीष मिश्रा द्वारा प्रसाद स्वरूप शीतल आइसक्रीम का वितरण कराया गया, जिसका श्रद्धालुओं ने भरपूर आनंद उठाया। इसके साथ ही विशाल भंडारा प्रसाद की व्यवस्था भी की गई, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया

कथा स्थल को आकर्षक सजावट एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय और उत्सवमय दिखाई दे रहा था। श्रद्धालु देर रात तक कथा, भजन और धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे।

धार्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश

मुख्य यजमान भगवानदास मिश्रा एवं श्रीमती भागवती मिश्रा ने बताया कि कथा आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।

आचार्य पं. धर्मेन्द्र अवस्थी जी ने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन, भक्ति और धर्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण और सत्संग मनुष्य के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय एवं भव्य आयोजन किया जायेगा। श्रद्धालु आचार्य धर्मेन्द्र अवस्थी जी की कथा का श्रवण उनके यूट्यूब चैनल “आचार्य धर्मेन्द्र अवस्थी जी” के माध्यम से भी कर सकते हैं।

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