धार में डीपीसी शिक्षा विभाग के जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप खरे रिश्वत लेते गिरफ्तार
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
शौचालय निर्माण के पूर्णता प्रमाण पत्र पर साइन करने के बदले मांगी थी लाखों की रिश्वत
लोकायुक्त इंदौर की ट्रैप कार्रवाई में एक लाख रुपये की पहली किश्त लेते पकड़े गए अधिकारी
एंकर पार्ट
धार में इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक यानी डीपीसी प्रदीप कुमार खरे को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शासकीय स्कूलों में बन रहे शौचालयों के कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले आरोपी अधिकारी ने करीब 17 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रविवार को धार जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता प्रभारी सहायक यंत्री दिलीप साधव ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से 122 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इन निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और सुपरविजन की जिम्मेदारी शिकायतकर्ता के पास थी।
आरोप है कि डीपीसी प्रदीप कुमार खरे निर्माण कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले कुल लागत का 5 प्रतिशत यानी लगभग 17 लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। आरोप सही पाए जाने के बाद कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में ट्रैप दल का गठन किया गया।
लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
वहीं गिरफ्तारी के बाद डीपीसी प्रदीप खरे ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ षड़यंत्र रचा गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें नहीं पता कि कार्यालय की अलमारी तक रुपये कैसे पहुंचे। साथ ही उन्होंने फरियादी को कार्यालय का ही कर्मचारी बताया।





































