जंगल किनारे गया युवक, भालू के हमले से जिंदगी बनी जंग 5 घंटे की सर्जरी ने दी नई जिंदगी

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एमसीबी/मनेन्द्रगढ़।केल्हारी विकासखंड के ग्राम बिहुली में एक दर्दनाक घटना उस वक्त सामने आई जब 38 वर्षीय युवक तिग्गा पर सुबह-सुबह भालू ने हमला कर दिया। रोज़मर्रा की तरह घर के पास जंगल किनारे गया युवक अचानक जंगली जानवर के हमले का शिकार हो गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने बिना देर किये घायल युवक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी पहुंचाया जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए तुरंत मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।

मनेन्द्रगढ़ अस्पताल में डॉक्टरों के सामने चुनौती कम नहीं थी। शरीर पर गंभीर चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में पहले मरीज को स्थिर करना पड़ा। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने जोखिम भरी सर्जरी का निर्णय लिया। करीब 5 घंटे तक चले इस ऑपरेशन ने आखिरकार उम्मीद की किरण दिखाई और युवक की जान बचा ली गई।

इस जटिल सर्जरी में डॉ. आलेख सिदार (ईएनटी) और डॉ. इंतजार ओरके (ऑर्थो) ने नेतृत्व किया। उनके साथ नर्सिंग स्टाफ अभिषेक, निशा और प्रियंका ने पूरी तत्परता से सहयोग किया जबकि समन्वय की जिम्मेदारी पुष्पा सिस्टर ने संभाली।

 

*स्थानीय अस्पताल बना जीवनदाता*

 

गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल को 220 बिस्तरों में अपग्रेड किया गया है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता था लेकिन इस बार स्थानीय स्तर पर ही सफल इलाज संभव हो पाया। सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे और अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के नेतृत्व में अस्पताल की टीम ने यह साबित कर दिया कि अब जिले में भी उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध है।

 

*स्वास्थ्य मंत्री ने सराहा प्रयास*

 

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस सफल सर्जरी पर चिकित्सा टीम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

 

*नई सुविधाओं से बढ़ेगी राहत*

 

अस्पताल में इंडोस्कोपी यूनिट भी शुरू होने जा रही है जिससे अब कई जांच और उपचार स्थानीय स्तर पर ही किये जा सकेंगे।

 

*सतर्कता ही है सबसे बड़ी सुरक्षा*

 

जंगल से लगे इलाकों में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर ना जायें और विशेष सतर्कता बरतें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

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