समर स्पार्क प्रतिभागियों ने सिखाया सम्मान का पाठ डीडब्ल्यूपीएस मनेन्द्रगढ़ में श्रमिक दिवस बना यादगार

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मनेन्द्रगढ़। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेन्द्रगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस इस वर्ष केवल एक औपचारिक आयोजन ना रहकर संवेदनाओं, संस्कारों और सम्मान का जीवंत उत्सव बन गया। विद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में समर स्पार्क (समर कैंप) के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने माहौल को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों के आत्मीय स्वागत से हुई। गायत्री मंत्र और प्रार्थना से वातावरण भक्तिमय बना वहीं दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर आयोजन का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब समर स्पार्क के बच्चों ने विद्यालय के कर्मचारियों को हस्तनिर्मित कार्ड और पुष्प भेंट कर सम्मानित किया। यह पहल ना केवल भावनात्मक थी बल्कि विद्यार्थियों के भीतर श्रम के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के संस्कारों को भी दर्शाती रही।

कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत गीत “मेहनत से न घबराना” ने उत्साह का संचार किया वहीं हिंदी शिक्षिका श्रीमती रंजना सिन्हा ने श्रम की महत्ता पर प्रभावशाली कविता पाठ किया। सुश्री प्रिया श्रीवास्तव ने श्रमिक दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रेरक विचार रखे। शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत नाटक “मेहनत का मान” ने श्रमिकों के संघर्ष और योगदान को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जिसे विद्यार्थियों ने तालियों की गूंज से सराहा।

अपने उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. तिवारी ने कहा कि यह दिवस श्रम, समर्पण और मानवता के सम्मान का प्रतीक है तथा हर उपलब्धि के पीछे किसी कर्मयोगी की मेहनत छिपी होती है वहीं संस्था की निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने श्रम को जीवन की साधना बताते हुए कहा कि हर कार्य अपने आप में महत्वपूर्ण है और श्रम का सम्मान ही समाज की प्रगति का आधार है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने अधीनस्थ कर्मचारियों राजेश, श्रीमती रिंकू, श्रीमती पुष्पा, श्रीमती विवियाना, श्रीमती सरोज, दुर्गा, संतलाल, रूपनारायण, आरती दास, अरविंद, उमेश, अजय ओझा, जय सिंह, रवि, साहिल सहित अन्य को स्वल्पाहार और उपहार भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन प्राथमिक वर्ग की हिंदी शिक्षिका श्रीमती प्रतिभा सिंह ने कुशलतापूर्वक किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ लेकिन श्रम के सम्मान का संदेश सभी के मन में लंबे समय तक अंकित रहने वाला रहा।

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