ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
इंदौर अहमदाबाद फोरलेन पर तिरला थाना अंतर्गत पिकअप में ओवरलोडिंग के परिणाम स्वरूप टायर फटने से जहां 16 लोगों की मौत हो गई वहीं 35 से अधिक लोग इस दुर्घटना में जख्मी हुए जिसके परिणाम स्वरूप राज्य सरकार सहित पूरा प्रशासनिक अमला शोक में डूब गया जिसके परिणाम स्वरूप जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत ओवरलोडिंग वाहनों पर खासकर की जिन मालवाहक गाड़ियों में सवारियों को भरकर पूरे जिले में शादियों तथा मजदूरी कार्य के लिए लाया ले जाया जाता है इन वाहनों पर संयुक्त रूप से आरटीओ यातायात तथा पुलिस विभाग द्वारा कार्यवाही की गई इसी कड़ी में कल देर शाम धार पुलिस द्वारा भी चालानी कार्रवाई की गई जिसके अंतर्गत कई वाहनों को समझाइश देकर छोड़ा गया कई पर आर्थिक दंड लगाया गया अब पूरे जिले में प्रशासन यह प्रयास कर रहा है कि माल वाहक वाहनों पर किसी भी प्रकार से सवारियों को न ढोया जाए किंतु इसे मोटर व्हीकल एक्ट का दुर्भाग्य कहें या संवैधानिक प्रावधान यदि माल वाहक वाहनों में सवारी भरकर ले जाने पर किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो केवल गैर इरादतन हत्या का अपराध मुकदमा कायम होता है जिससे कि साधारण धाराओं में अपराध पंजीकृत हो एक या दो दिन में चालक की जमानत हो जाती है दूसरी और प्रशासनिक अमल ने दबी जुबान में इस बात को भी स्वीकार किया है कि यदि हम किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई करते हैं तब हमें बहुत अधिक राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ता है हर दूसरा चालाक किसी राजनीतिक व्यक्ति से फोन पर बात कराने की कोशिश करता है अब इसमें दोषी किसे कहा जाए राजनीतिक नेताओं को प्रशासनिक अमल को या वाहन मालिकों को जो चंद रुपयो के लिए कई जिंदगियों को दाव पर लगा देते हैं
बाईट1
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय विजय डाबर
बाईट2 वाहन चालक
बाईट 3 बाल नाबालिक बाल श्रमिक















































