अनूपपुर में हाथियों का बढ़ता आतंक: पांचवां हाथी पहुंचा, गांवों में तोड़फोड़ व फसलों को भारी नुकसान

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कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल

 

अनूपपुर। जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ के कटघोड़ा क्षेत्र से एक और हाथी के प्रवेश के बाद जिले में हाथियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। यह नया हाथी मरवाही होते हुए मंगलवार सुबह अनूपपुर पहुंचा और जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में पहले से मौजूद तीन हाथियों के समूह में शामिल हो गया। वहीं एक दंतैल हाथी पिछले 14 दिनों से ग्राम पंचायत खांड़ा के जंगल क्षेत्र में डेरा डाले हुए है।

 

वन विभाग और ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह समूह रात के समय गांवों में घुसकर जमकर उत्पात मचा रहा है। ग्राम पड़रिया, चोई और आसपास के टोले-मोहल्लों में कई कच्चे मकानों को तोड़ दिया गया। घरों में रखा अनाज हाथियों ने खा लिया, वहीं किसानों की टमाटर और उड़द जैसी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। चोई गांव के वृक्षारोपण क्षेत्र में हाथियों ने 40 से अधिक आरसीसी खंभे और 100 मीटर से ज्यादा फेंसिंग तार तोड़ डाले।

 

दूसरी ओर, खांड़ा क्षेत्र में विचरण कर रहा दंतैल हाथी भी लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। उसने एक ही परिवार के कच्चे मकान को तीसरी बार तोड़ दिया और आसपास की बाड़ियों में लगे पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो हाथी ने आक्रामक होकर हमला करने का प्रयास किया, जिससे ग्रामीणों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

 

स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों है। बीते चार महीनों में हाथियों के हमले से दो ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक परिजनों को मुआवजा नहीं मिला है। वहीं घरों और खेतों में हुए नुकसान का सर्वे भी अब तक पूरा नहीं किया गया, जिससे पीड़ितों को राहत राशि नहीं मिल सकी है।

 

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल सर्वेक्षण कराने, पीड़ितों को मुआवजा देने और हाथियों के बढ़ते खतरे से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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