अनूपपुर, 26 मार्च 2026/ ग्रीष्मकाल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सलाह दी गई है। ग्रामीणजनों से आग्रह किया गया है कि वे विद्युत उपकरणों और लाइनों के साथ किसी भी प्रकार की असावधानी न बरतें, क्योंकि छोटी सी चूक गंभीर जान-माल की हानि का कारण बन सकती है। स्पष्ट किया गया है कि विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मर या खंभों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है। आंधी-तूफान या अन्य कारणों से यदि कहीं बिजली के तार टूटकर गिरते हैं, तो उन्हें भूलकर भी न छुएं।
किसानों एवं पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
कटाई के इस सीजन में किसानों को विशेष रूप से सचेत रहने की सलाह दी गई है। खेतों या खलिहानों में कटी हुई फसल की ढेरी, झोपड़ी या अस्थाई तंबू विद्युत लाइनों के ठीक नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनाएं। बिजली के तारों के नीचे से अनाज या भूसे से लदी ऊंची गाड़ियां (ट्रैक्टर-ट्रॉली) न निकालें, इससे आग लगने और करंट लगने का प्रबल खतरा रहता है।
बच्चों की सुरक्षा पर दें विशेष ध्यान
अक्सर देखा जाता है कि बच्चे बिजली के तारों के पास पतंगबाजी करते हैं। अभिभावकों से अपील किया गया है कि वे बच्चों को तारों में फंसी पतंग निकालने के लिए खंभों पर चढ़ने या लोहे की रॉड आदि का उपयोग करने से सख्ती से रोकें।
सतर्कता ही सुरक्षा है
ग्रामीणजनों से अपील किया गया है कि उक्त सुरक्षा मानकों का पालन कर स्वयं को और अपने संसाधनों को सुरक्षित रखें।













