आस्था का विराट संगम: पसान में श्रीराम कथा के सातवें दिन राम वनवास और भरत मिलाप के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

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आस्था का विराट संगम: पसान में श्रीराम कथा के सातवें दिन राम वनवास और भरत मिलाप के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

जमुना कोतमा

नगर पालिका परिषद पसान के वार्ड क्रमांक 8 में रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित 10 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा एवं शतचंडी महायज्ञ इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित राजीव लोचन शास्त्री अपनी मधुर वाणी और संगीतमय शैली में श्रीराम कथा का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर रहे हैं कथा स्थल पर प्रतिदिन अनूपपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं

राम वनवास का मार्मिक प्रसंग

कथा के सातवें दिन भगवान श्रीराम के वनवास का अत्यंत भावुक प्रसंग सुनाया गया कथावाचक ने बताया कि पिता की आज्ञा और मर्यादा की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम ने सहज भाव से 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया प्रभु श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण के वन गमन का प्रसंग सुनते ही कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे

भरत मिलाप का भावपूर्ण वर्णन

कथा में भरत मिलाप का प्रसंग भी अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया कथावाचक ने बताया कि जब भरत को श्रीराम के वनवास का समाचार मिला तो वे अत्यंत व्यथित हो उठे और अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ प्रभु श्रीराम को अयोध्या वापस लाने के लिए वन पहुंचे

भरत ने भगवान श्रीराम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया, लेकिन प्रभु ने धर्म और मर्यादा का पालन करते हुए वनवास पूर्ण करने का संकल्प व्यक्त किया अंततः भरत ने श्रीराम की चरण पादुका को अयोध्या की राजगद्दी पर स्थापित करने के लिए अपने साथ ले जाने का निर्णय लिया इस प्रसंग को सुनकर कथा स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालु भावुक हो उठे

वृंदावन के कलाकारों का दीपक नृत्य बना आकर्षण

कथा कार्यक्रम के अंत में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रसिद्ध दीपक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया दीपों की रोशनी और भक्ति संगीत के साथ प्रस्तुत इस मनमोहक नृत्य ने पूरे पंडाल को मंत्रमुग्ध कर दिया उपस्थित श्रद्धालुओं ने कलाकारों की प्रस्तुति की खूब सराहना की और देर तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही

हिंदू-मुस्लिम एकता की दिखी सुंदर मिसाल

इस धार्मिक आयोजन की एक विशेष बात यह भी रही कि कथा में हिंदू समाज के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं क्षेत्र के कई मुस्लिम भाई भी प्रतिदिन कथा स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा और सम्मान के साथ श्रीराम कथा सुन रहे हैं यह दृश्य क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की सुंदर मिसाल प्रस्तुत कर रहा है

शतचंडी महायज्ञ से वातावरण हुआ भक्तिमय

श्रीराम कथा के साथ-साथ यहां शतचंडी महायज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया है श्रद्धालु यज्ञ में आहुति देकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं

आयोजक आशीष मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका

इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में समाजसेवी एवं आयोजक आशीष मिश्रा की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय मानी जा रही है उनके मार्गदर्शन और सक्रिय सहयोग से यह आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित रूप में संपन्न हो रहा है वे स्वयं आयोजन स्थल पर उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण तथा अन्य व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं, जिससे कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो

राममय हुआ पसान नगर

इन दिनों पूरा पसान नगर राममय वातावरण में डूबा हुआ है कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज रहा है महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में कथा में उपस्थित होकर भक्ति का आनंद ले रहे हैं

यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है

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