अमरकंटक के जमुना दादर क्षेत्र के वनों में लगी भीषण आग जल्द पाया गया काबू ,
बजरंग दल एवं स्थानीय जनों की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक के समीप स्थित जमुना दादर के सघन वनों में सोमवार को अचानक आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई । आग की लपटें धीरे-धीरे फैलते हुए वन क्षेत्र को अपनी चपेट में लेने लगीं जिससे पर्यावरण एवं वन्य जीवों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया ।
सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण तत्काल सक्रिय हुए और सामूहिक प्रयासों से आग पर काबू पाया गया जो सराहनीय कार्य हुआ । इन सबकी सजगता एवं तत्परता के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई तथा आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया ।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड मंत्री अभिषेक पांडेय , प्रखंड संयोजक बंटी थापा , बजरंग दल के सक्रिय कार्यकर्ता सुमित पनारिया , तामेश्वर अरमौर सहित अनेक स्थानीय नागरिक मौके पर उपस्थित रहे और आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वन क्षेत्र में आग लगने के पीछे असामाजिक तत्वों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता साथ ही लोग बीड़ी-सिगरेट पीने वालों की लापरवाही भी इस प्रकार की घटनाओं का एक प्रमुख कारण बन रही है । सूखी पत्तियों एवं तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती है जिससे स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है ।
स्थानीय जनों ने प्रशासन से मांग की है कि वन क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकी जा सके ।
वनों की सुरक्षा केवल प्रशासन की ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है—इस भावना के साथ लोगों से अपील की गई है कि वे जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें ।








