रामनवमी पर पसान में आस्था का महासागर: 10 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा व शतचंडी महायज्ञ में उमड़ रहे श्रद्धालु, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजीव लोचन शास्त्री सुना रहे संगीतमय रामकथा

जमुना कोतमा पसान अनूपपुर रामनवमी के पावन अवसर पर पसान नगर में आयोजित 10 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा एवं शतचंडी महायज्ञ इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है नगर में चल रहे इस विराट धार्मिक आयोजन में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित राजीव लोचन शास्त्री अपनी ओजस्वी वाणी और संगीतमय शैली में श्रीराम कथा का रसपान करा रहे हैं कथा सुनने के लिए अनूपपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समाजसेवी आशीष मिश्रा की अहम भूमिका सामने आ रही है उनके मार्गदर्शन और सक्रिय सहयोग से यह धार्मिक आयोजन भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हो रहा है। आयोजन समिति के साथ मिलकर वे स्वयं व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं, जिसके चलते श्रद्धालुओं को कथा श्रवण और पूजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है

राम जन्म प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
22 मार्च 2026 को आयोजित कथा के दौरान पंडित राजीव लोचन शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया कथा में महाराज दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ, चारों भाइयों – राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म तथा अयोध्या में छाए उत्सव के वातावरण का वर्णन किया गया जैसे ही कथा में भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे

कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीराम का अवतार धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था उनके जीवन से मर्यादा, त्याग, सेवा और आदर्श जीवन का संदेश मिलता है कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे

ताड़का वध प्रसंग का हुआ सजीव मंचन
कथा के दौरान ताड़का वध का प्रसंग भी अत्यंत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें महर्षि वशिष्ठ के मार्गदर्शन में भगवान राम और लक्ष्मण द्वारा राक्षसी ताड़का के वध का वर्णन किया गया इस प्रसंग को नाटकीय और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रद्धालु पूरी तरह कथा में डूब गए

ताड़का वध का प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अपने गुरु के आदेश का पालन करते हुए धर्म की रक्षा के लिए ताड़का का वध किया यह प्रसंग हमें यह संदेश देता है कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए साहस और कर्तव्यनिष्ठा आवश्यक है
राम, लक्ष्मण और गुरु वशिष्ठ की हुई पूजा-अर्चना
ताड़का वध के प्रसंग के उपरांत कथा स्थल पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु वशिष्ठ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती की और भगवान श्रीराम से सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की
पूजा-अर्चना के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा नजर आया भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा कथा स्थल गूंजता रहा
शतचंडी महायज्ञ से वातावरण हुआ पवित्र
श्रीराम कथा के साथ-साथ यहां शतचंडी महायज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है श्रद्धालु यज्ञ में आहुति देकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं
पंडितों द्वारा विधि-विधान से किए जा रहे इस महायज्ञ से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक और धार्मिक वातावरण बना हुआ है
पूरे जिले से उमड़ रही आस्था की भीड़
इस भव्य धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन अनूपपुर जिले के विभिन्न नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं कथा स्थल पर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की भारी भीड़ देखी जा रही है
श्रद्धालु सुबह से ही कथा स्थल पर पहुंचकर कथा श्रवण करते हैं और यज्ञ में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल और प्रसाद वितरण की भी उत्तम व्यवस्था की गई है
आयोजक आशीष मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका
इस भव्य आयोजन के सफल संचालन में आयोजक आशीष मिश्रा की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय बताई जा रही है उन्होंने आयोजन समिति और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया है
आशीष मिश्रा ने बताया कि रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित इस 10 दिवसीय श्रीराम कथा एवं शतचंडी महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करना है उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया जा रहा है
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं
- राममय हुआ पसान नगर
पसान नगर में इन दिनों हर ओर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिल रहा है कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज रहा है
यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को एकजुट करने और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दे रहा है आने वाले दिनों में कथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों को सुनने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है


















