अल्ट्राटेक बेला प्लांट में मजदूरों का आंदोलन तेज, विधायक अभय मिश्रा ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
रीवा। जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र स्थित अल्ट्राटेक बेला सीमेंट प्लांट में पिछले कई दिनों से जारी मजदूर आंदोलन ने अब तेज रूप ले लिया है। एटक (AITUC) के तत्वावधान में बीते 2 मार्च से लगभग 300 मजदूर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मजदूरों की मुख्य मांग है कि उन्हें नियमानुसार 8 घंटे की शिफ्ट में कार्य दिया जाए तथा जिन मजदूरों को कार्य से पृथक कर दिया गया है, उन्हें पुनः काम पर बहाल किया जाए।
इसी क्रम में गुरुवार को सेमरिया क्षेत्र के विधायक अभय मिश्रा आंदोलन स्थल पर पहुंचे और मजदूरों के समर्थन में लगभग तीन घंटे तक अनशन किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट प्रबंधन और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर निष्कासित मजदूरों को वापस कार्य पर नहीं लिया गया और 8 घंटे की शिफ्ट व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।
विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मजदूरों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन पूरे जिले में बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।
आंदोलन स्थल पर मजदूरों के साथ बड़ी संख्या में किसान, स्थानीय नागरिक, नौजवान और महिलाएं भी मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल आंदोलनमय बना रहा।
इस अवसर पर एटक अध्यक्ष अरुण तिवारी, प्रांतीय उप महासचिव राम सरोज कुशवाहा, जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, किसान सभा अध्यक्ष गया प्रसाद मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल त्रिपाठी, आम आदमी पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता प्रमोद शर्मा, एटक मध्य प्रदेश के उप महासचिव संजय नामदेव सहित रामानुज तिवारी, हरिश्चंद्र पांडे, बी.पी. कुशवाहा, संतोष सोगरा, उमेश शुक्ला, नरेंद्र मिश्रा, रवि रावत, रोहित तिवारी, चेतनाथ सिंह, अखिलेश द्विवेदी, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, दिलीप तिवारी, अरविंद तिवारी, राजू पांडे, जितेंद्र सिंह, अरुण सिंह, संतोष पाठक, विक्रम द्विवेदी, संजय शर्मा, कृष्ण कुमार, मुकेश प्रजापति, अशोक सिंह, धर्मेंद्र चौधरी, आनंदपाल, सुशील सिंह, सूर्यभान साहू, राम बिंदु, साकेत तिवारी, निखिल सिंह तिवारी, विष्णु शुक्ला, शारदा सोनी सहित हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
वर्तमान परिस्थितियों में अब सबकी निगाहें प्रशासन और अल्ट्राटेक प्रबंधन के निर्णय पर टिकी हुई हैं कि 24 घंटे के भीतर मजदूरों की मांगों पर क्या समाधान निकलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।







