मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन जिला एमसीबी के बैनर तले बुधवार को जिले भर के शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने एकजुट होकर अपनी लंबित मांगों के निराकरण के लिये मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन जिला मुख्यालय में कलेक्टर एमसीबी के माध्यम से तथा विकासखंड स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के जरिये प्रेषित किया गया। विशेष बात यह रही कि कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन के कार्यों पर किसी प्रकार का असर ना पड़े, इसको ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यक्रम को भोजन अवकाश के दौरान ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न किया।
फेडरेशन के प्रांतीय कार्यालयीन सचिव एवं जिलाध्यक्ष दीपक कुमार साहू ने बताया कि प्रदेशभर के कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। कई बार ज्ञापन, बैठक और संवाद के माध्यम से अपनी समस्याएं रखी गईं लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं हो पाया है जिससे कर्मचारियों में निराशा का माहौल बनता जा रहा है।
जिला सह-संयोजक गोपाल प्रसाद बुनकर ने कहा कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो फेडरेशन को आगे उग्र आंदोलन की रणनीति अपनाने पर विवश होना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में फेडरेशन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात शासन तक पहुंचा रहा है। फेडरेशन द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगों में
महंगाई भत्ता (DA) के बकाया एरियर का भुगतान,
समयमान वेतनमान का लाभ, अर्जित अवकाश नगदीकरण की सुविधा,
संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, अन्य विभागीय विसंगतियों का निराकरण शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच लंबे समय से लंबित भत्तों और सुविधाओं के अभाव में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में शासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिये।
कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न विभागों राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायत एवं अन्य शासकीय कार्यालयों के कर्मचारी एवं अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और एकजुटता का परिचय दिया। फेडरेशन ने अंत में शासन से अपेक्षा जताई कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा किया जायेगा जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।








