राजनगर कालरी/अनूपपुर। नवगठित नगर परिषद डूमरकछार में पंचायत कालीन कर्मचारियों के संविलियन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। निकाय अध्यक्ष सहित कई निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने सक्षम अधिकारियों से शिकायत कर जिला चयन समिति (06.02.2021) के निर्णय, नियुक्ति शर्तों के पालन और वित्तीय लेनदेन की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है
आरोप है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रजनीश प्रसाद शुक्ला का राजस्व उपनिरीक्षक पद पर संविलियन नियमों के विरुद्ध किया गया। नियुक्ति आदेश में तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि के दौरान एलएसजीडी डिप्लोमा अनिवार्य बताया गया था, अन्यथा मूल पद पर वापसी का प्रावधान था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि डिप्लोमा प्राप्त न करने के बावजूद आज तक मूल पद पर वापसी नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार संविलियन प्रक्रिया में समिति के समक्ष भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत किए गए। साथ ही निकाय गठन के बाद कथित रूप से प्रस्तावों व दस्तावेजों में हेरफेर कर कुछ रिश्तेदारों/फर्मों को लाभ पहुंचाने और लेखा-नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं। पंचायत राज संचालनालय के 28.06.2017 के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि ग्राम पंचायत सचिव का शहरी निकाय में संविलियन संभव नहीं है, फिर भी डूमरकछार में ऐसा किया गया।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों की गलत व्याख्या कर कार्रवाई टाली जा रही है। उन्होंने विभागीय, अग्रिम व दंडात्मक कार्रवाई के लिए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।








