200 महिलाओं को ग्रूमिंग किट, SET प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट
झंकार महिला मंडल की सामाजिक पहल, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर
नागपुर। सामाजिक सरोकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए झंकार महिला मंडल, नागपुर द्वारा सामाजिक सेवा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में विभिन्न पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में 5 अक्टूबर को मानसिक चिकित्सालय, नागपुर में विशेष सामाजिक सेवा गतिविधि आयोजित की गई, जबकि 6 अक्टूबर को वेकोलि के स्किल डेवलपमेंट सेंटर में Self-Employed Tailor (SET) कौशल विकास कार्यक्रम के प्रथम बैच का शुभारंभ किया गया।
मानसिक चिकित्सालय में 200 महिला निवासियों को सामग्री वितरित
मानसिक चिकित्सालय, नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में झंकार महिला मंडल की अध्यक्ष रीना पांडे, उपाध्यक्ष किरण सिन्हा सहित मंडल की पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहीं। इस दौरान रीना पांडे ने महिला निवासियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना।
मंडल की ओर से लगभग 200 महिला निवासियों को ब्यूटी एवं ग्रूमिंग किट तथा जूँ की दवा वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य महिला निवासियों की व्यक्तिगत स्वच्छता एवं देखभाल के साथ उनके आत्मसम्मान को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिला निवासियों ने गीत प्रस्तुत किए और उनके द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन भी किया। झंकार महिला मंडल की सदस्यों ने इन हस्तशिल्प उत्पादों की खरीद कर महिलाओं के प्रयासों का उत्साहवर्धन किया। इससे महिला निवासियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ प्रोत्साहन भी मिला।
SET प्रशिक्षण के प्रथम बैच का शुभारंभ
महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में 6 अक्टूबर को वेकोलि के स्किल डेवलपमेंट सेंटर, HRD विभाग, इंदोरा कॉम्प्लेक्स, नागपुर में ATDC के सहयोग से Self-Employed Tailor (SET) कौशल विकास कार्यक्रम के प्रथम बैच का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में झंकार महिला मंडल की अध्यक्ष रीना पांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर ATDC की निदेशक डॉ. रूपाली शुक्ला, झंकार महिला मंडल की पदाधिकारी एवं सदस्य तथा वेकोलि के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
SET कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं के साथ ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के युवाओं को बाजार की जरूरतों के अनुरूप विभिन्न कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सिलाई, कटिंग, परिधान निर्माण और उद्यमिता जैसे विषय शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान रीना पांडे ने प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट वितरित किए और उन्हें प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी तैयार करता है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
झंकार महिला मंडल द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। मानसिक चिकित्सालय में महिला निवासियों के लिए की गई सेवा गतिविधि के साथ-साथ कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की पहल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है।
मंडल की ओर से भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, सामाजिक सेवा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को जारी रखने पर जोर दिया गया।
झंकार महिला मंडल की इन पहलों से एक ओर जहां मानसिक चिकित्सालय की महिला निवासियों को सहयोग एवं प्रोत्साहन मिला, वहीं दूसरी ओर SET प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं और वंचित युवाओं के लिए कौशल आधारित आत्मनिर्भरता की राह मजबूत करने का प्रयास किया गया है।






































































