कलेक्टर के आदेश की खुली अवहेलना, बाहरी लोगों की सुनियोजित घुसपैठ से खड़ा हुआ “नई बस्ती” का जाल

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जमुना कोतमा/अनूपपुर, 29 अप्रैल 2026

बरतराई भूमिगत खदान क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया के बीच अब एक बड़े फर्जीवाड़े की आशंका ने गंभीर रूप ले लिया है 28 अप्रैल 2026 को हमारे संवाददाता संतोष कुमार चौरसिया द्वारा बरतराई ए-भूमिगत खदान क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया गया, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा सामने आया निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जहां एक ओर क्षेत्र में वर्षों पुरानी ग्रामीण बसाहट मौजूद है, वहीं दूसरी ओर बीते कुछ महीनों में अचानक एक “नई दुनिया” बसती दिखाई दे रही है—ऐसी बसाहट, जो स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार केवल मुआवजा हथियाने की नीयत से खड़ी की गई है

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर अनूपपुर हर्षल पंचोली द्वारा 2 फरवरी 2026 को ही बरतराई भूमिगत खदान क्षेत्र में धारा 9 लागू कर दी गई थी, जिसके बाद अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार के नए निर्माण, क्रय-विक्रय और संरचनात्मक विस्तार पर स्पष्ट रोक प्रभावी हो गई थी इसके बावजूद मौके पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी पाया गया। कहीं बड़े-बड़े तीन सेट के पक्के मकान खड़े कर दिए गए हैं, तो कहीं भूसा गोदाम, लंबी-चौड़ी पोल्ट्री शेड, किराना दुकान, सिलाई सेंटर और छोटे औद्योगिक ढांचे खड़े किए जा रहे हैं

स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से बाहरी लोगों द्वारा रचा गया है बताया जा रहा है कि रीवा और आसपास के क्षेत्रों से आए कुछ लोगों ने पहले आदिवासी और गरीब किसानों की जमीनें औने-पौने दाम पर खरीदीं, फिर धारा 9 लागू होने के बाद तेजी से निर्माण कराकर मुआवजा दावे को मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले नौरोजाबाद और अन्य कोयला अधिग्रहण क्षेत्रों में भी इसी तरह के तरीके अपनाए जा चुके हैं

मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि कथित रूप से इस पूरे नेटवर्क में कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की चर्चा भी सामने आ रही है स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस खेल में कुछ राजस्वकर्मियों के करीबी, विद्युत विभाग से जुड़े प्रभावशाली लोग तथा अन्य रसूखदार तत्व अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी कर निर्माण कार्य जारी है

ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों ने मांग की है कि बरतराई क्षेत्र में धारा 9 लागू होने के बाद हुए सभी निर्माणों की संयुक्त टीम द्वारा भौतिक जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि कौन वास्तविक विस्थापित है और कौन मुआवजा लाभ लेने के लिए फर्जी ढांचा खड़ा कर रहा है लोगों ने यह भी मांग की है कि अधिसूचना के बाद बने सभी निर्माणों को तत्काल चिन्हित कर उनके दावों पर रोक लगाई जाए

क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर हर्षल पंचोली और जमुना-कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी से मामले में तत्काल निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस सुनियोजित मुआवजा खेल पर रोक नहीं लगी, तो वास्तविक भू-स्वामियों और विस्थापित परिवारों के अधिकार प्रभावित हो जाएंगे, जबकि फर्जी निर्माण करने वाले लोग सरकारी मुआवजे का बड़ा हिस्सा हड़प ले जाएंगे

बरतराई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति देखकर यही प्रतीत होता है कि पुराने गांव के समानांतर एक नई बस्ती रातों-रात खड़ी कर दी गई है—और वह भी केवल मुआवजा वसूली की मंशा से अब देखना यह है कि प्रशासन इस खुले उल्लंघन पर कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है

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