120 करोड़ के रेलवे ओवरब्रिज की सड़क 7 माह में ही उखड़ी, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम गुणावद और धार जिला मुख्यालय बायपास पर बने रेलवे ओवरब्रिज की सड़क उद्घाटन के 6-7 महीने बाद ही खराब होने लगी है। ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी गिट्टी और दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
करीब 120 करोड़ की लागत से बने इस ब्रिज का उद्घाटन केंद्रीय राज्य मंत्री की मौजूदगी में किया गया था। कार्यक्रम में क्षेत्र की विधायक भी उपस्थित थीं। इतनी बड़ी लागत के बावजूद कुछ ही महीनों में सड़क की ऐसी स्थिति से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार सड़क पर गिट्टी और मिट्टी निकल आई है। गड्ढों से बचकर निकलने में हादसे की आशंका रहती है। वाहन चालकों का कहना है कि खराब सड़क से वाहनों में टूट-फूट हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
प्रदेश ड्राइवर संगठन के अध्यक्ष महेश चंद्रवंशी ने भी सड़क की खराब स्थिति से वाहन चालकों की परेशानी बताई। वहीं ब्रिज पर काम कर रहे एक मजदूर के अनुसार उसे सड़क की उखड़ी गिट्टी को ही गड्ढों में भरने का काम दिया गया है।
इस मामले में पश्चिम रेलवे मंडल
के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि ठेकेदार का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और बारिश के कारण कार्य रुका था। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि काम अधूरा था तो जल्दबाजी में उद्घाटन क्यों किया गया।
१ बाइट
मुकेश वर्मा जनसंपर्क अधिकारी पश्चिम रेलवे
२ बाइट
ब्रिज पर काम कर रहे मजदूर
३ वॉइस ओवर







































































