सनातन एकता यात्रा का भव्य समापन, राम वन गमन पथ और पांच पांडव स्थलों के विकास की उठी मांग
यात्रा संयोजक जेपी साहू ने प्रेस वार्ता में दी विस्तृत जानकारी

शहडोल। राम वन गमन पथ मित्र मंडल द्वारा आयोजित सनातन एकता यात्रा के सफल समापन के बाद प्रेस वार्ता आयोजित कर यात्रा की पूरी जानकारी साझा की गई। यात्रा के संयोजक जेपी साहू ने बताया कि यह यात्रा 19 मार्च को पवित्र नगरी अमरकंटक से नर्मदा जल कलश, भगवान जगन्नाथ की पालकी और राम दरबार कामतानाथ की पालकी के साथ विधि-विधान से पूजन कर प्रारंभ की गई थी। यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना, राम वन गमन पथ एवं पांच पांडव स्थलों के प्रति लोगों में आस्था जागृत करना और इन धार्मिक स्थलों के विकास की दिशा में जनजागरण करना था

उन्होंने बताया कि यात्रा अमरकंटक से निकलकर राजेंद्रग्राम, अनूपपुर, बिजुरी, राजनगर, कोतमा, चरण पादुका रेउसा, राम वन गमन पथ स्थल खोडरी पंचायत के जर्रा टोला, कोठी, निगवानी, गढ़ी, बसखला और गोहदरा होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद केशवाही स्थित मरखी देवी मंदिर में चुनरी चढ़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा जैतपुर भाटिया मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। यात्रा आगे गोहपारू क्षेत्र के देवदहा, सीतामढ़ी, कठौतिया के पांच पांडव स्थल, खनौधी, जैसिहनगर, गधियां, सरिहट, कुबरा और राम वन गमन पथ क्षेत्र कमझोर के पास से होकर गुजरी

इसके बाद यात्रा व्यौहारी स्थित मारकंडे की नगरी पहुंची और वहां से मानपुर, उमरिया, ऊचेहरा, पाली तथा नौरोजाबाद में भी भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। 28 मार्च को यात्रा शहडोल नगर पहुंची, जहां मां दुर्गा मंदिर में चुनरी चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। अगले दिन यात्रा शहडोल के मां कंकाली मंदिर अमरहा, भमराहा, सिंहपुर, पड़मनिया और बोडरी सहित कई गांवों में पहुंची। इसके बाद विक्रमपुर, पिपरतरा, लालपुर और साबो में भी यात्रा का स्वागत किया गया

जेपी साहू ने बताया कि हनुमान जयंती के पावन अवसर पर बरगमा में हनुमान मंदिर में विशेष दर्शन और गदा भेंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद बुढार से वाहन रैली के माध्यम से यात्रा शुरू कर धनपुरी नगर तक पहुंची, जहां राधे कृष्ण मंदिर में भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात धनपुरी नगर में विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। इसी प्रकार नौरोजाबाद में भी 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और यात्रा के स्वागत में 27 भव्य झांकियां निकाली गईं

उन्होंने बताया कि शहडोल संभाग के ग्रामीण, नगर और कस्बाई क्षेत्रों में लाखों लोगों ने यात्रा का दर्शन किया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के साथ जुड़े। लगभग 15 दिनों तक चली यह यात्रा राम वन गमन पथ और पांच पांडव स्थलों से होकर गुजरते हुए धर्म और आस्था का संदेश देती रही

प्रेस वार्ता के दौरान जेपी साहू ने मध्यप्रदेश शासन से मांग की कि शहडोल संभाग में स्थित राम वन गमन पथ और पांच पांडव स्थलों के समुचित विकास के लिए विशेष परियोजना तैयार की जाए, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि यदि इन स्थलों का व्यवस्थित विकास किया जाए तो क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी और लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मां नर्मदा की महिमा और नर्मदा पुराण की कथा जन-जन तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए शासन-प्रशासन को विशेष प्रयास कर पूरे संभाग में नर्मदा के जीवन चरित्र और धार्मिक महत्व की जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
प्रेस वार्ता में गौ सेवा सम्मान को आगे बढ़ाने की बात भी रखी गई, जिसमें विकास जोटवानी और रोशनी ने अपने विचार व्यक्त किए। जेपी साहू ने बताया कि यात्रा में महेश्वर से उदय आनंद महाराज, वृंदावन से उमेश दास महाराज सहित कई संत-महात्मा शामिल हुए। इसके अलावा वाल्मीकि जी, राममिलन जी और अन्य श्रद्धालु भी विभिन्न स्थानों पर यात्रा से जुड़ते रहे और लगातार इसमें भाग लेते रहे।
उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग के इतिहास में यह सनातन एकता यात्रा का तीसरा सफल आयोजन रहा है, जिसे समाज के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन और सहयोग मिला। अंत में जेपी साहू ने उन सभी सनातनियों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यात्रा को सफल बनाने में योगदान दिया।










