राम नाम में स्नेह, श्रद्धा और त्याग जैसे सभी गुणों का समागम: शिखा तिवारी
शतचंडी व रुद्र महायज्ञ में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, संगीत मय रामकथा का हो रहा श्रवण

राजनगर। राजनगर आरओ उप क्षेत्र द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी काली मंदिर प्रांगण, न्यू राजनगर में श्री श्री 1008 शतचंडी एवं रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यज्ञ के दौरान प्रतिदिन रात्रि में वाराणसी के अस्सी घाट से आईं कथावाचिका शिखा तिवारी द्वारा संगीतमय रामकथा का वाचन किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु यज्ञ प्रांगण में पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
रामकथा के दौरान शिखा तिवारी ने अयोध्या दर्शन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम केवल एक नाम नहीं बल्कि जीवन मूल्यों का प्रतीक है। राम नाम में स्नेह, श्रद्धा, समर्पण, त्याग, तपस्या और करुणा जैसे अनेक दिव्य गुणों का समागम है। इन सभी गुणों का पालन स्वयं भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में किया, जिसके कारण वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के दर्शन करने के लिए भगवान शिव सहित अनेक देवी-देवताओं ने भी मानव रूप धारण कर उनका दर्शन किया और स्वयं को धन्य माना। भगवान राम का जीवन हमें आदर्श, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कथावाचिका ने श्रद्धालुओं से भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हम राम के आचरण का अनुसरण करें तो न केवल हमारा परिवार और समाज, बल्कि पूरा राष्ट्र भी सुख, शांति और समृद्धि की ओर अग्रसर होगा।
यज्ञ एवं रामकथा के आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है तथा प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।







