एसईसीएल ने 754 भू-स्वामियों को दिया रोजगार, भूमि के बदले नौकरी प्रक्रिया पर अब उच्चस्तरीय निगरानी

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एसईसीएल ने 754 भू-स्वामियों को दिया रोजगार, भूमि के बदले नौकरी प्रक्रिया पर अब उच्चस्तरीय निगरानी

पारदर्शिता और निष्पक्षता मजबूत करने स्थायी समिति गठित, शिकायतों की होगी समयबद्ध जांच

बिलासपुर। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार नीति के अंतर्गत 754 पात्र भू-स्वामियों को नियमानुसार रोजगार प्रदान कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कंपनी ने यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। एसईसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए अब एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया गया है, जो शिकायतों की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

कंपनी के अनुसार हाल ही में समाप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एसईसीएल द्वारा 300 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया। इस भूमि अधिग्रहण के अंतर्गत प्रभावित और पात्र भू-स्वामी परिवारों को कंपनी की स्थापित नीति के अनुरूप रोजगार सहित अन्य लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। एसईसीएल ने कहा कि इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि वास्तविक हितग्राहियों को उनका अधिकार समय पर और नियमपूर्वक मिल सके।

इसी उद्देश्य से एसईसीएल ने भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निराकरण के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। कंपनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस समिति में महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि महाप्रबंधक (योजना-परियोजना) एवं महाप्रबंधक (श्रमशक्ति) को सदस्य नामित किया गया है।

यह समिति प्राप्त आवेदनों, दस्तावेजों और दावों की गहन जांच करेगी। साथ ही भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षण कर आवश्यक अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगी। कंपनी का मानना है कि इस समिति के गठन से न केवल शिकायतों का व्यवस्थित समाधान होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।

एसईसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी सदैव पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के अनुपालन के उच्च मानकों का पालन करती रही है। नई समिति का गठन किसी विशेष विवाद के कारण नहीं, बल्कि एक एहतियाती और प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कदम के रूप में किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार के अनियमित, भ्रामक या अपात्र प्रयासों का प्रभाव वास्तविक हितग्राहियों के अधिकारों पर न पड़े।

कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि हाल के समय में कर्मचारियों के विरुद्ध कुछ आधारहीन और भ्रामक शिकायतों के मामले भी संज्ञान में आए हैं। इस पर एसईसीएल ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण, तथ्यों से परे या भ्रामक शिकायतों के विरुद्ध कंपनी आवश्यकतानुसार समुचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है।

एसईसीएल ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे तथ्यों पर आधारित, जिम्मेदार और प्रमाणिक तरीके से ही अपनी बात रखें। कंपनी ने आम नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें तथा किसी भी प्रकार के प्रलोभन, बिचौलियों या अपुष्ट दावों से सतर्क रहें।

कंपनी प्रबंधन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को भूमि अधिग्रहण, रोजगार पात्रता या शिकायत प्रक्रिया से संबंधित अतिरिक्त जानकारी अथवा स्पष्टीकरण चाहिए, तो वे बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में महाप्रबंधक (भू-राजस्व) कार्यालय से पत्राचार के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

एसईसीएल का यह कदम न केवल भूमि के बदले रोजगार नीति में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे प्रभावित भू-स्वामी परिवारों का कंपनी की प्रक्रिया पर विश्वास भी और मजबूत होने की उम्मीद है।

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