दो साल से फरार करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, अनूपपुर पुलिस की सक्रियता से आखिर पहुंचा सलाखों के पीछे
अनूपपुर। थाना भालूमाड़ा पुलिस ने करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मामला अपराध क्रमांक 350/2024 एवं 400/2024 से संबंधित है, जिसमें आरोपी के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 120बी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज है। आरोपी ने निवेशकों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी और घटना के बाद से फरार चल रहा था।
ज्ञात हो कि लगभग दो वर्ष पूर्व बदरा निवासी संतोष चौरसिया की रिपोर्ट पर इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने तत्काल प्रभाव से थाना भालूमाड़ा में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उनकी संवेदनशीलता और सख्त रुख का ही परिणाम है कि लंबे समय से फरार आरोपी आज कानून के शिकंजे में आ सका।
पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के प्रभावी निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ सिंह मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में थाना भालूमाड़ा पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया
गौरतलब है कि आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में भी दर्जनभर से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। करोड़ों रुपये की ठगी करने के बावजूद वह लंबे समय तक पैसे और प्रभाव के दम पर कार्रवाई से बचता रहा, लेकिन अनूपपुर पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया

इस पूरे ठगी गिरोह का एक अन्य आरोपी अलकित मालवीय निवासी गुजरात अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय कोतमा में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक डी.एस. बागरी की विशेष भूमिका रही। वहीं पुलिस टीम के अन्य सदस्य विवेक त्रिपाठी, विनोद जाटव, देवेन्द्र सिंह और चक्रधर तिवारी का भी सराहनीय योगदान रहा
अनूपपुर पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से न केवल निवेशकों में न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश गया है कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता















































