चरण तीर्थ पावनधाम में भक्ति का उमडा महासागर , शहनाज अख्तर के भजनों से गूंजा रामनाम चरण तीर्थ पावन धाम आस्था का केंद्र बिंदु है ; श्री जायसवाल

---Advertisement---

 

कोतमा। परम पूज्य जगतगुरु श्री रामललाचार्य जी महाराज द्वारा चरण तीर्थ पावनधाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा, 11 कुंडिय श्री राम महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा तथा रामलीला के समापन के अंतिम दिवस पर भक्ति और श्रद्धा का अनुपम दृश्य देखने को मिला। भारत की प्रख्यात भजन गायिका शहनाज अख्तर ने अपने सुमधुर भजनों से पूरे धाम को राममय कर दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजता रहा।

 

रामशिला की परिक्रमा से मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता

 

चरण तीर्थ पावनधाम क्षेत्र का एक अत्यंत श्रद्धेय धार्मिक स्थल है। यहां स्थित पवित्र रामशिला के संबंध में मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इसकी परिक्रमा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। इसी आस्था के साथ दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान श्रीराम के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं।

 

धाम में समय-समय पर भजन-कीर्तन,

 

कथा-प्रवचन, यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहता है, जिससे यह स्थल क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

 

 

मंत्री दिलीप जायसवाल ने लिया जगतगुरु का आशीर्वाद

 

समापन अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के मंत्री दिलीप जायसवाल विशेष रूप से 11 कुंडी यज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने जगतगुरु रामलालाचार्यजी से आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

अपने संबोधन में मंत्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकता के सूत्र में बांधते हैं और नई पीढ़ी को संस्कार एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि चरण तीर्थ पावनधाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।

 

लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति

 

समापन दिवस पर अनूपपुर, कोतमा, बिजुरी, अमलाई, शहडोल, बुढार सहित आसपास के क्षेत्रों एवं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों के अनुसार लाखों भक्तों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। भक्ति और आस्था का यह दिव्य संगम क्षेत्रवासियों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

Leave a Comment