मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा मंगलवार को प्रस्तुत राज्य बजट को लेकर पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट जनहित के मुद्दों से भटका हुआ है और युवाओं और किसानों को निराश करने वाला साबित होगा।
डॉ. सिंह ने बजट को दिशाहीन और जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि इसमें आम जनता, किसानों, युवाओं और कर्मचारियों की मूलभूत अपेक्षाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बड़े-बड़े दावों और घोषणाओं के जरिये बजट को आकर्षक बनाने का प्रयास किया है लेकिन जमीनी हकीकत में राहत देने वाली कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आती।
उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर स्पष्ट और प्रभावी प्रावधानों का अभाव है। किसानों के लिये समर्थन मूल्य, धान खरीदी और बोनस पर ठोस गारंटी नहीं दी गई है साथ ही सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये भी स्पष्ट नीति सामने नहीं आई।
युवाओं के मुद्दे पर डॉ. सिंह ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन का स्पष्ट रोडमैप नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, नई भर्तियों की समयबद्ध प्रक्रिया और स्वरोजगार योजनाओं को लेकर भी ठोस पहल की आवश्यकता थी जो इस बजट में दिखाई नहीं देती।
उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक निवेश की मांग करते हुए कहा कि इन बुनियादी क्षेत्रों को मजबूत किये बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है साथ ही महंगाई से राहत के लिये प्रभावी कदम उठाने की भी आवश्यकता बताई।
डॉ. विनय शंकर सिंह ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं जिनमे धान खरीदी और बोनस पर स्पष्ट नीति, युवाओं के लिये रोजगार सृजन का ठोस रोडमैप, स्वास्थ्य और शिक्षा में वास्तविक निवेश, महंगाई से राहत के प्रभावी कदम प्रमुख है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल भाषण नहीं बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। विपक्ष जनहित के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जायेगा और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाने की मांग करेगा।

