- विधायक गुलाब कमरो की मौजूदगी में सजा गरबा का रंगारंग मंच, प्रतिभागियों को 12 ट्रॉफियां और 20 गोल्ड मेडल से किया गया सम्मानित
मनेन्द्रगढ़। कहीं डांडिया की खनक, कहीं गरबा की लय और कहीं अपनों के साथ उत्सव मनाने की खुशी। कुछ ऐसा ही मनमोहक नजारा दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेन्द्रगढ़ में 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित डीडब्ल्यूपीएस फैमिली गरबा उत्सव में देखने को मिला। नवरात्रि की आस्था और भारतीय संस्कृति की रंगीन छटा के बीच आयोजित इस समारोह ने विद्यालय परिसर को उत्साह, उमंग और उल्लास से भर दिया। विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त भागीदारी ने आयोजन को एक पारिवारिक महोत्सव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम में भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय के निदेशक वेंकटेश सिंह, निदेशिका पूनम सिंह और प्राचार्य अश्विनी वर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने समारोह में सहभागिता की।
आरती से शुरुआत, फिर गरबा की रंगीन प्रस्तुतियों ने बांधा समां
माता रानी की आरती के साथ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हुआ। श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में अभिभावकों ने आराधना में हिस्सा लिया। इसके बाद विद्यालय की शिक्षिकाओं ने गरबा की आकर्षक प्रस्तुति देकर उत्सव का माहौल बना दिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों की ऊर्जा और नृत्य की मनमोहक लय ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम आगे बढ़ा तो विद्यार्थी और अभिभावक भी गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों में उत्साह के साथ शामिल हुए। कहीं समूह का शानदार तालमेल दिखाई दिया तो कहीं परिवारों ने एक साथ नृत्य कर अपनी सहभागिता से समारोह को खास बना दिया। पूरा आयोजन भारतीय लोकपरंपरा और आधुनिक विद्यालयीन जीवन के सुंदर मेल का उदाहरण बना।
संस्कृति की जड़ों से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन : पूनम सिंह
विद्यालय की निदेशिका पूनम सिंह ने नवरात्रि और गरबा उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि शक्ति, भक्ति, श्रद्धा और नारी सम्मान का संदेश देती है। गरबा हमारी सांस्कृतिक विरासत का ऐसा हिस्सा है जो लोगों को एक साथ जोड़ने और आपसी प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं बल्कि बच्चों को भारतीय परंपराओं, जीवन मूल्यों और सामाजिक सहयोग की भावना से परिचित कराना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच विश्वास और आत्मीयता को मजबूत करते हैं।
प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर, पुरस्कार पाकर खिले चेहरे
उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताएं रहीं। प्रतिभागियों की नृत्य प्रतिभा, रचनात्मकता, पारंपरिक वेशभूषा और पारिवारिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिये दस श्रेणियों में पुरस्कार निर्धारित किये गये। इन प्रतियोगिताओं के अंतर्गत कुल 12 ट्रॉफियां प्रदान की गईं जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को 20 गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
बेस्ट सोलो परफॉर्मर, मदर-डॉटर परफॉर्मेंस, ग्रुप परफॉर्मेंस, फादर-डॉटर परफॉर्मेंस, डांडिया डेकोरेशन, फादर-सन परफॉर्मेंस, गरबा अटायर, मदर-सन परफॉर्मेंस, डुएट परफॉर्मेंस और बेस्ट गरबा परफॉर्मर जैसी श्रेणियों ने प्रतियोगिता को रोचक बनाया। पुरस्कार वितरण के दौरान प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ नजर आया। सम्मान ने उनकी मेहनत और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया।
एक मंच, अनेक परिवार और संस्कृति से जुड़ने का संदेश
डीडब्ल्यूपीएस फैमिली गरबा उत्सव ने यह साबित किया कि विद्यालय की भूमिका केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना विकसित करना, परिवारों को एक मंच पर लाना और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है।
शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों की सहभागिता से सजी यह सांस्कृतिक संध्या गरबा की मधुर लय और पारिवारिक आत्मीयता की यादें छोड़ गई। भक्ति, परंपरा और सामूहिक उल्लास से भरपूर इस आयोजन ने मनेन्द्रगढ़ में सांस्कृतिक उत्सव की एक खूबसूरत छाप छोड़ी।






































































