- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिका अधिकारों पर हुआ संवाद, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिये किया प्रेरित
मनेन्द्रगढ़। बेटियों को समान अवसर, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सशक्त समाज के निर्माण की बुनियाद है। इसी संदेश को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब), महिला एवं बाल विकास विभाग एमसीबी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया गया।
जिला कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘बेटियां ही भविष्य हैं’ रही। इस दौरान बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और विकास के समान अवसर मिलने से ना केवल उनका भविष्य बेहतर होता है बल्कि परिवार और समाज भी मजबूत बनते हैं।
- भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने बुलंद की अपनी आवाज
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘बेटियां ही भविष्य हैं’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता रही। इसमें छात्राओं ने बेटी शिक्षा, महिला सुरक्षा, समान अधिकार और बालिका सशक्तिकरण जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किये। उनके वक्तव्यों में बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देने, समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से छात्राओं का उत्साहवर्धन करने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला।
- हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित सहायता सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। सखी वन स्टॉप सेंटर तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी साझा करते हुए संबंधित सेवाओं के प्रचार प्रसार पर जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने के लिये जागरूक करने की बात भी कही गई।
कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 सहित उपलब्ध सहायता नंबरों की जानकारी दी गई ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित सेवाओं से संपर्क किया जा सके। आयोजकों ने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिये प्रेरित किया।
- शिक्षकों और विभागीय प्रतिनिधियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य सुष्मिता सालोमान, वरिष्ठ शिक्षक डॉ. विनोद पाण्डेय, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र से जेंडर विशेषज्ञ सुश्री शैलजा गुप्ता एवं वित्तीय साक्षरता और समन्वय विशेषज्ञ श्रीमती अनीता कुमारी शाह उपस्थित रहीं। इसके अलावा सखी वन स्टॉप सेंटर से केस वर्कर पूजा रजक, पैरामेडिकल सुप्रिया तिवारी तथा विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिकार मित्र श्रीमती अंजनी यादव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण शामिल हुए।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और समानता के महत्व से अवगत कराते हुए यह संदेश दिया गया कि बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, आत्मविश्वास और अधिकारों की जानकारी के जरिये बालिकाएं अपने सपनों को साकार करने के साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।







































































