- आगजनी की आपात स्थिति से निपटने के लिये अग्निशमन प्रदर्शन आयोजित, मरीजों की सुरक्षा और त्वरित बचाव पर रहा जोर
मनेन्द्रगढ़। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल परिसर में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय शासकीय सिविल अस्पताल में गुरुवार को अग्निशमन प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने जिला अग्निशमन अधिकारी के समन्वय से यह पहल की जिसके माध्यम से चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को आगजनी की स्थिति में सतर्कता बरतने तथा आपात परिस्थितियों से निपटने के तरीकों की जानकारी दी गई।
अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में अग्नि सुरक्षा का विशेष महत्व है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिये पहुंचते हैं जबकि कई मरीज भर्ती रहकर स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। ऐसे में आग लगने जैसी अप्रत्याशित घटना के दौरान मरीजों को सुरक्षित रखना, समय पर बचाव कार्य शुरू करना और उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों का उचित उपयोग करना बेहद जरूरी हो जाता है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आयोजित प्रशिक्षण में आग से बचाव के उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल के अमले को ऐसी परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना रहा ताकि किसी भी घटना के समय घबराहट के बजाय सूझबूझ और आपसी समन्वय के साथ कार्यवाही की जा सके।
प्रशिक्षण में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ सुरक्षा गार्डों को भी शामिल किया गया। आपात स्थिति में सुरक्षा गार्डों की सतर्कता, समय पर सूचना देने और बचाव संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है वहीं चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिये मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन की इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति सजग करने और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा संबंधी जागरूकता और विभागों के बीच बेहतर तालमेल संभावित दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
उपचार सुविधाओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी महत्व देते हुए आयोजित यह कार्यक्रम अस्पताल में सुरक्षित वातावरण बनाये रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।






































































