सीएमपीडीआई में राजभाषा माह के विजेताओं का सम्मान, हिंदी में कार्यालयीन कार्यों को बढ़ावा देने पर जोर
विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग को मिली अध्यक्षीय शील्ड, बिलासपुर क्षेत्रीय संस्थान-5 बना विजेता

रांची, 15 अक्टूबर। केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान तथा योजना से संबंधित संस्था सीएमपीडीआई (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट) में राजभाषा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (तकनीकी/पीएंडडी) अजय कुमार ने की। समारोह में निदेशक (तकनीकी/आरडी एंड टी, बीडी) आनंद मोहन सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, महाप्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे
कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने तथा राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान देने वाले विभागों और कर्मचारियों को सम्मानित करना था। समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही हिंदी में कार्यालयीन कार्य करने के निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत नकद पुरस्कार भी दिए गए
विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग को अध्यक्षीय शील्ड
राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन और कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजभाषा अध्यक्षीय शील्ड प्रदान की गई। मुख्यालय स्तर पर विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग को विजेता शील्ड मिली, जबकि सामग्री प्रबंधन विभाग को उपविजेता शील्ड प्रदान की गई। वहीं, क्षेत्रीय संस्थानों की श्रेणी में क्षेत्रीय संस्थान-5, बिलासपुर को राजभाषा अध्यक्षीय विजेता शील्ड से सम्मानित किया गया।
इन पुरस्कारों के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करने और संस्थान में राजभाषा संबंधी गतिविधियों को प्रभावी बनाने में योगदान देने वाले विभागों के प्रयासों को सराहा गया
हिंदी को दैनिक कार्यालयीन कामकाज का हिस्सा बनाने पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए अजय कुमार ने कहा कि हिंदी देश की राजभाषा होने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और संस्कृति का प्रतीक भी है। यह भाषा देश के लाखों लोगों को एक सूत्र में जोड़ती है। संविधान निर्माताओं की परिकल्पना थी कि हिंदी प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ाने में सेतु की भूमिका निभाए
उन्होंने कहा कि राजभाषा माह का आयोजन हिंदी के प्रति अपने दायित्वों को समझने, कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रयोग की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इस तरह के आयोजनों से कर्मचारियों को हिंदी में काम करने के लिए प्रेरणा मिलती है और कार्यालयीन कार्यप्रणाली में भाषा के सहज प्रयोग को बढ़ावा मिलता है
अजय कुमार ने यह भी कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल राजभाषा संबंधी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे दैनिक कार्यालयीन कार्यों का स्वाभाविक हिस्सा बनाना जरूरी है। जब अधिकारी और कर्मचारी अपने नियमित कार्यों में हिंदी का सहज रूप से प्रयोग करते हैं, तो राजभाषा के संवैधानिक उद्देश्यों की पूर्ति के साथ कार्यालयीन व्यवस्था को अधिक सहभागी बनाने में भी मदद मिलती है
सात प्रकार की प्रतियोगिताओं से बढ़ाई हिंदी के प्रति रुचि
सीएमपीडीआई में राजभाषा माह-2026 के दौरान हिंदी के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग तथा कर्मचारियों में भाषा के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें हिंदी भाषी और अहिंदी भाषी कर्मचारियों के लिए निबंध प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता, चित्र अभिव्यक्ति प्रतियोगिता, टिप्पण-प्रारूपण प्रतियोगिता, यात्रा संस्मरण प्रतियोगिता, राजभाषा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और हिंदी टंकण प्रतियोगिता शामिल थीं।
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कर्मचारियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने, हिंदी भाषा में अभिव्यक्ति का अवसर प्राप्त करने और कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर मिला।
राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में पहल
सीएमपीडीआई में आयोजित यह समारोह संस्थान के भीतर हिंदी के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक कामकाज में इसके नियमित उपयोग को प्रोत्साहित करने की पहल के रूप में सामने आया। पुरस्कार वितरण के माध्यम से कर्मचारियों और विभागों के योगदान को मान्यता दी गई। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि राजभाषा का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं और औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रहकर दैनिक कामकाज में हिंदी के सहज और प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना है






































































