कबाड़ से कलाकृति, ई-वेस्ट से पर्यावरण संरक्षण; वेकोलि की नौ अभिनव पहलें बनीं मिसाल
स्पेशल कैंपेन-6 के तहत स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और हरित क्षेत्र विकास पर विशेष जोर, 160 से अधिक छात्राओं को मिली शैक्षणिक सहायता
नागपुर। कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) ने स्पेशल कैंपेन-6 के अंतर्गत स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, कर्मचारी कल्याण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए नौ अभिनव पहलें की हैं। इन पहलों के माध्यम से कंपनी ने जहां अनुपयोगी सामग्रियों के रचनात्मक उपयोग को प्रोत्साहित किया है, वहीं कर्मचारियों के स्वास्थ्य, बालिकाओं की शिक्षा, हरित क्षेत्र विकास और कार्यालयों में स्वच्छता को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
वेकोलि की इन पहलों में ‘वेस्ट टू वेल्थ’, ई-वेस्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन, सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य शिविर, पर्यावरण जागरूकता, छात्राओं को सहायता, पौधारोपण और स्वच्छता उत्कृष्टता पुरस्कार जैसी गतिविधियां शामिल हैं। कंपनी का उद्देश्य स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन और कार्यस्थल की स्थायी आदत बनाना है।
कबाड़ से तैयार किया ई-वेस्ट कियोस्क
वेकोलि मुख्यालय, नागपुर में ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को साकार करते हुए कबाड़ सामग्री से ई-वेस्ट कियोस्क एवं वर्कस्टेशन विकसित किया गया है। यह व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक कचरे के व्यवस्थित संग्रहण, पृथक्करण और उचित निपटान में सहायक होगी। इससे अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इधर-उधर फेंकने के बजाय उनके सुरक्षित प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए सेंट्रल वर्कशॉप, ताडाली में पुराने सर्किट बोर्ड, हार्ड ड्राइव, की-बोर्ड और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कलात्मक इंस्टॉलेशन तैयार किया जा रहा है। इस रचनात्मक प्रयोग के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का भी उपयोगी और आकर्षक रूप में पुनः इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे ई-वेस्ट के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग की प्रेरणा मिलती है।
सफाई मित्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर
स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सफाई मित्रों, घरेलू सहायकों और संविदा कर्मियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वेकोलि मुख्यालय में ‘सफाई मित्र सुरक्षा शिविर’ के अंतर्गत मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में संबंधित कर्मियों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें सुरक्षा किट वितरित की गईं।
इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों से जुड़े कर्मियों के स्वास्थ्य की देखभाल, कार्यस्थल पर सुरक्षा और उनके कल्याण को प्राथमिकता देना है। स्वच्छता अभियान के साथ उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है, जो प्रतिदिन सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में योगदान देते हैं।
महा रंगोली और ‘वेस्ट टू वंडर’ से पर्यावरण जागरूकता
चंद्रपुर क्षेत्र में महा रंगोली के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली का संदेश दिया गया। इस रचनात्मक गतिविधि के जरिए लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
वहीं, वेकोलि मुख्यालय में आयोजित ‘वेस्ट टू वंडर’ कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को पुनर्चक्रण और संसाधन संरक्षण का महत्व समझाया गया। कार्यशाला में अनुपयोगी सामग्रियों से उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस तरह बच्चों में रचनात्मकता विकसित करने के साथ कचरे के बेहतर प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करने का प्रयास किया गया।
160 से अधिक छात्राओं को शैक्षणिक सहायता
शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में वेकोलि ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित माता शबरी बालिका आवासीय शिक्षा परिसर की 160 से अधिक छात्राओं को शैक्षणिक सहायता और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। यह पहल बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
शिक्षा से जुड़ी ऐसी पहलें छात्राओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने के साथ समाज में शिक्षा के महत्व को भी मजबूत करती हैं। वेकोलि की यह गतिविधि कंपनी की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अतिक्रमण हटाकर विकसित किया जा रहा हरित क्षेत्र
वेकोलि के माजरी क्षेत्र में पुरानी बस्ती की अतिक्रमित भूमि को जेसीबी की सहायता से मुक्त कराकर साफ-सफाई की गई। इसके बाद स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से यहां पौधारोपण और फेंसिंग के माध्यम से हरित क्षेत्र विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य खाली कराई गई भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए स्वच्छ और हरित वातावरण तैयार करना है। पौधारोपण और स्थानीय लोगों की भागीदारी से विकसित होने वाला यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के साथ सामुदायिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण बनेगा।
कबड्डी प्रतियोगिता से दिया स्वच्छता और अनुशासन का संदेश
‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के अंतर्गत वेकोलि के पाथाखेड़ा क्षेत्र द्वारा मध्य प्रदेश के छत्तरपुर ग्राम में कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की गई। ग्रामीण खेलों के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता, अनुशासन और स्वच्छता का संदेश दिया गया।
खेलकूद को सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की यह पहल ग्रामीण समुदाय को सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से एकजुट करने का प्रयास है। ऐसे आयोजन स्वच्छता के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने में सहायक होते हैं।
कार्यालयों में स्वच्छता के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार
स्वच्छता को कार्यालयीन कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने के उद्देश्य से वेकोलि मुख्यालय में ‘स्वच्छता उत्कृष्टता पुरस्कार’ प्रारंभ किए गए हैं। इसके तहत विशेष सशक्त समिति ने 30 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, कार्यस्थल की सुव्यवस्था, अभिलेखों के रखरखाव और अनुशासन के आधार पर विभागों का मूल्यांकन किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल को स्वच्छ, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। पुरस्कार आधारित व्यवस्था से विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होने और स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
स्वच्छता से सतत विकास तक का प्रयास
वेकोलि की नौ अभिनव पहलें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, कर्मचारी कल्याण, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ती हैं। ई-वेस्ट का रचनात्मक उपयोग हो या सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की चिंता, छात्राओं को शैक्षणिक सहायता देना हो या हरित क्षेत्र विकसित करना—इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करना है।
स्पेशल कैंपेन-6 के उद्देश्यों के अनुरूप वेकोलि स्वच्छता को स्थायी कार्यसंस्कृति बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारी एवं सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित कर रही है। कंपनी की ये पहलें यह संदेश देती हैं कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों का पुनः उपयोग, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक कल्याण भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।





































































