विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: जिला अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, टेली-मानस हेल्पलाइन की दी जानकारी
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
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धार। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला चिकित्सालय धार के मातृत्व विभाग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “जिए हुए अनुभव सुने जाएं: असली आवाजें, असली बदलाव” रखी गई है
कार्यक्रम में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मोनिका भावसार ने नुक्कड़ नाटक, बैनर और पोस्टर के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, लक्षण और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया।
भावसार ने बताया कि व्यस्त जीवनशैली, कार्य का दबाव, पारिवारिक समस्याएं, अकेलापन मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक तनाव रहने से व्यवहार, भावनाओं और सोचने की क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व देना जरूरी है।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और परिवार-मित्रों से संवाद बनाए रखने की सलाह दी। लगातार उदासी, अत्यधिक चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद में बदलाव, अकेले रहने की इच्छा और कार्यों में रुचि कम होना जैसे लक्षणों को पहचान कर विशेषज्ञ से परामर्श लेने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बताया गया कि मानसिक समस्याओं से उबरने में परिवार और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे व्यक्तियों की बात धैर्य से सुनना, भावनात्मक सहयोग देना और संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। समस्याओं को छिपाने के बजाय समय पर सहायता लेना जरूरी है
इस अवसर पर टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 और मनहित ऐप की जानकारी दी गई




































































