चार माह से मानदेय अटका, रसोइयों और समूहों की राशि 10 दिन में जारी करने का आश्वासन

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चार माह से मानदेय अटका, रसोइयों और समूहों की राशि 10 दिन में जारी करने का आश्वासन

मध्यान्ह भोजन कर्मी यूनियन ने भोपाल कमिश्नर से की मुलाकात, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

भोपाल, 7 अक्टूबर 2026। मध्यान्ह भोजन कर्मी यूनियन मध्यप्रदेश के पंजीयन क्रमांक 6999 के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को विकास भवन भोपाल में कमिश्नर दीपक आर्य से मुलाकात कर मध्यान्ह भोजन योजना में कार्यरत रसोइयों, महिला कर्मियों एवं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की। यूनियन ने रसोइयों के चार माह से लंबित मानदेय तथा समूहों को मध्यान्ह भोजन योजना की रुकी हुई राशि का भुगतान किए जाने सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूनियन के प्रांतीय महासचिव किरण प्रकाश ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय शिक्षण संस्थानों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में कार्यरत महिला कर्मियों और रसोइयों को लंबे समय से भुगतान संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर रसोइयों का मानदेय समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन संचालन करने वाले समूहों की राशि भी लंबित है।

प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान कमिश्नर दीपक आर्य ने बताया कि सिस्टम में बदलाव के कारण रसोइयों और समूहों की राशि भुगतान प्रक्रिया में रुकी हुई है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से 10 दिन का समय मांगा और आश्वासन दिया कि इसके बाद सभी जिलों में रसोइयों के मानदेय तथा समूहों की लंबित राशि जमा किए जाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

यूनियन ने रखीं आठ प्रमुख मांगें

ज्ञापन में मध्यान्ह भोजन कर्मी यूनियन ने रसोइयों एवं महिला कर्मियों की समस्याओं के निराकरण के लिए आठ प्रमुख मांगें उठाई हैं।

पहली मांग में रसोइयों का मानदेय प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि कर्मियों को बार-बार भुगतान के लिए परेशान न होना पड़े।

दूसरी मांग में रसोइयों के काम के घंटे निर्धारित करने तथा उनके कार्य के अनुरूप कलेक्टर रेट पर मानदेय दिए जाने की मांग की गई है।

तीसरी मांग में ड्रेस कोड लागू करते हुए उड़ीसा सरकार की तर्ज पर प्रत्येक वर्ष ड्रेस खरीदने के लिए 500 रुपये की राशि दिए जाने की मांग की गई है।

चौथी मांग में प्रदेश के प्रत्येक जिले में शिकायत निवारण समितियों का गठन किए जाने की बात कही गई है। यूनियन का कहना है कि ऐसी समितियां गठित होने से रसोइयों के साथ होने वाली समस्याओं एवं परेशानियों का स्थानीय स्तर पर निराकरण किया जा सकेगा।

पांचवीं मांग में शासकीय शिक्षण संस्थानों में कार्यरत रसोइयों को 62 वर्ष की आयु तक कार्य से नहीं हटाए जाने की मांग की गई है।

छठी मांग में समय से पूर्व कार्य से निकाली गई रसोइयों को पुनः बहाल किए जाने की मांग उठाई गई है। यूनियन ने कहा कि कई मामलों में रसोइयों को निर्धारित अवधि से पहले कार्य से बाहर कर दिया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ है।

सातवीं मांग में शिक्षा संस्थानों में कार्यरत रसोइयों को सक्षम जिला अधिकारी द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाने की मांग की गई है, ताकि उनकी नियुक्ति एवं कार्य से संबंधित स्थिति स्पष्ट और व्यवस्थित हो सके।

आठवीं मांग में स्व-सहायता समूहों द्वारा कार्यरत रसोइयों को हटाकर उनकी जगह दूसरी महिलाओं को लगाए जाने की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की गई है। यूनियन ने इस व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

लंबित भुगतान को लेकर बढ़ी चिंता

यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में कार्यरत रसोइए विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने से लेकर भोजन वितरण तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं, समूहों की राशि अटकने से मध्यान्ह भोजन व्यवस्था के संचालन में भी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।

यूनियन ने मांग की कि रसोइयों और समूहों के लंबित भुगतान का स्थायी समाधान किया जाए तथा भविष्य में मानदेय और योजना की राशि समय पर जारी करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निराकरण की मांग की। कमिश्नर की ओर से 10 दिन के भीतर लंबित राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन मिलने के बाद यूनियन ने उम्मीद जताई कि प्रदेशभर के रसोइयों और मध्यान्ह भोजन समूहों को जल्द राहत मिलेगी।

किरण प्रकाश, प्रांतीय महासचिव, मध्यान्ह भोजन कर्मी यूनियन मध्यप्रदेश ने कहा कि संगठन रसोइयों एवं मध्यान्ह भोजन कर्मियों के अधिकारों और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा।

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