CSR को सिर्फ दायित्व नहीं, ‘सामूहिक सामाजिक प्रतिबद्धता’ मानना चाहिए: बिक्रम घोष
NCCSR 2026 में वेकोलि के निदेशक (वित्त एवं मानव संसाधन) ने बताई कंपनी की CSR सोच और प्रमुख पहलें
नई दिल्ली। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) के निदेशक (वित्त एवं मानव संसाधन) बिक्रम घोष ने नई दिल्ली के द अशोक में आयोजित दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन ऑन कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (NCCSR 2026) में प्रमुख पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (IICA) द्वारा किया गया।
पैनल चर्चा के दौरान बिक्रम घोष ने वेकोलि की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) संबंधी सोच, विभिन्न सामाजिक पहलों और समुदायों के साथ कंपनी की सहभागिता पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने CSR की व्यापक अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि “CSR को ‘सामूहिक सामाजिक प्रतिबद्धता’ कहा जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि CSR को केवल कानूनी या वैधानिक दायित्व तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यह समाज और कंपनी के परिचालन से जुड़े समुदायों के प्रति संगठनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। CSR की सफलता तभी मानी जा सकती है, जब इसके माध्यम से समुदायों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं पर जोर
बिक्रम घोष ने बताया कि वेकोलि की CSR पहलें समुदायों की वास्तविक आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विकास, सतत विकास और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। उन्होंने स्थानीय हितधारकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी योजना को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित समुदायों की जरूरतों और अपेक्षाओं को समझना आवश्यक है।
विशेष रूप से खनन गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों में CSR कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल गतिविधियों का संचालन करना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से लोगों तक ठोस लाभ पहुंचाना होना चाहिए।
स्वास्थ्य से लेकर कौशल विकास तक कई क्षेत्रों में पहल
पैनल चर्चा में वेकोलि द्वारा CSR के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। इनमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, आजीविका सृजन, स्वच्छता तथा सामुदायिक बुनियादी ढांचे से संबंधित पहलें प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि CSR गतिविधियों का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाना और लोगों के जीवन में स्थायी एवं सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इसके लिए योजनाओं की गुणवत्ता, स्थानीय सहभागिता और परिणामों पर निरंतर ध्यान देना जरूरी है।
CSR के क्षेत्र में अनुभव साझा करने का मंच बना NCCSR 2026
NCCSR 2026 में वेकोलि की सहभागिता के माध्यम से कंपनी को अपने CSR दृष्टिकोण और विभिन्न पहलों को CSR विशेषज्ञों, कॉरपोरेट जगत, नीति-निर्माताओं, संस्थानों तथा अन्य हितधारकों के समक्ष रखने का अवसर मिला।
दो दिवसीय सम्मेलन में CSR को अधिक प्रभावी, समावेशी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न अनुभवों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नवाचारपूर्ण दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन ने देश में CSR के बदलते स्वरूप और सामाजिक विकास में इसकी भूमिका पर संवाद के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया।
देश के प्रमुख CSR विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा
पैनल चर्चा में सार्वजनिक उपक्रम विभाग (DPE) के संयुक्त निदेशक कैलाश भंडारी, NSE Foundation की CEO रमा मोहन, Spark Minda Group के AVP एवं प्रमुख प्रवीण कर्ण, Tata Steel Foundation के CEO सौरव रॉय, Inclusion Foundation के चेयरमैन प्रशांत होता तथा ONGC Foundation के CEO संदीप कुमार सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एवं CSR नेतृत्वकर्ता शामिल हुए।
सत्र का संचालन HCL Foundation के Thematic Lead गौरव मजूमदार ने किया। सम्मेलन में CSR क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों और विशेषज्ञों ने सामाजिक विकास, प्रभावी CSR मॉडल और समुदाय-केंद्रित पहलों को लेकर अपने अनुभव साझा किए।






































































