हाथियों के आतंक के बीच ‘रक्षक’ बने रेंजर विवेक मिश्रा, खुद करते हैं रात में गश्त

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जैतहरी, अनूपपुर: जिले के जैतहरी रेंज में जंगली हाथियों का मूवमेंट बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। फसल बर्बादी और जान-माल के नुकसान का डर हर दिन बढ़ रहा था। ऐसे समय में जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा लोगों के लिए ‘रक्षक’ बनकर सामने आए हैं।

 

*खुद संभाली कमान, रात-रात भर गश्त*

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आने की सूचना मिलते ही रेंजर विवेक मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि कई बार वह खुद रात में गश्त करते हैं और हाथियों के झुंड को गांव की सीमा से दूर जंगल की ओर खदेड़ते हैं।

 

एक स्थानीय ग्रामीण राकेश राठौर ने बताया, “साहब के रहते हमें रात में चैन की नींद आती है। पहले हाथी आते थे तो हम घर छोड़कर भागते थे। अब रेंजर साहब खुद टॉर्च लेकर खेतों में खड़े रहते हैं। उनके रहते नुकसान बहुत कम हो गया है।”

 

*लोगों ने जताया भरोसा*

रेंजर मिश्रा की इस सक्रियता से इलाके के लोगों का वन विभाग पर भरोसा बढ़ा है। वह लगातार ग्रामीणों से संपर्क में रहते हैं और हाथियों से बचाव के लिए जागरूक भी करते हैं। पटाखे, मशाल और सायरन के जरिए हाथियों को भगाने की रणनीति से अब तक सैकड़ों एकड़ फसल बचाई जा चुकी है।

 

*वन विभाग का पक्ष*

इस संबंध में रेंजर विवेक मिश्रा ने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता ग्रामीणों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा है। हाथियों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें आबादी से दूर रखना ही हमारा लक्ष्य है। गश्त टीम 24 घंटे अलर्ट पर है।”

 

बचाव के लिए अपील

1. हाथी दिखने पर शोर न मचाएं, तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

2. रात में अकेले खेतों की तरफ न जाएं।

3. घरों में तेज लाइट जलाकर रखें।

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