खनन सुरक्षा और तकनीकी दक्षता पर एनसीएल का विशेष फोकस
खनन पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय तकनीकी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 34 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
सिंगरौली। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा खनन क्षेत्र में सुरक्षा, तकनीकी दक्षता एवं कार्यस्थल की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से खनन पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय तकनीकी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 मई से 27 मई 2026 तक एनसीएल के केंद्रीय उत्खनन प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई), सिंगरौली में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के पूर्व मुख्य प्रबंधक (खनन) श्री सूरजीत मित्तर ने विशेषज्ञ प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने खनन पर्यवेक्षकों के कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों, निरीक्षण की गुणवत्ता, वैधानिक रिपोर्ट लेखन, सेफ्टी टॉक के महत्व तथा टूल बॉक्स सेफ्टी टॉक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। साथ ही कार्यस्थल में निरंतर सुधार के लिए क्वालिटी सर्किल तकनीक के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी साझा की।
प्रशिक्षण के दौरान खान अधिनियम, सीएमआर-2017 एवं खनन नियमों से जुड़े वैधानिक प्रावधानों और नवीनतम संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को संचार कौशल, प्रेरणा एवं निर्णय क्षमता विकास, “टेक-5 फॉर सेफ्टी” पहल, पीईईपीओ आधारित परीक्षण एवं निरीक्षण प्रणाली, सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान (एसएमपी), कोड ऑफ प्रैक्टिस तथा सुरक्षित संचालन प्रक्रियाओं के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
इसके अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंधन में श्रमिकों की सहभागिता, वर्कमेन इंस्पेक्टर की भूमिका एवं दायित्व, व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिम, मेडिकल सर्विलांस तथा सुरक्षा संबंधी वैधानिक प्रावधानों पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उन्हें प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों से कुल 34 खनन पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनके तकनीकी ज्ञान और सुरक्षा संबंधी समझ में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
एनसीएल प्रबंधन ने बताया कि कंपनी द्वारा समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य कर्मियों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना, तकनीकी दक्षता विकसित करना तथा कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं जिम्मेदार कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। कंपनी का मानना है कि प्रशिक्षित एवं जागरूक मानव संसाधन ही सुरक्षित और उत्पादक खनन गतिविधियों की आधारशिला हैं।






































