नगर नहीं उजड़ने देंगे, कालरी की अधिग्रहित भूमि राज्य सरकार को लौटे—राम अवध सिंह
पसान नगर हित में अध्यक्ष का बड़ा बयान, एसईसीएल से की जनहित में संवेदनशीलता बरतने की अपील
जमुना-कोतमा
नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह ने कालरी द्वारा अधिग्रहित भूमि पर वर्तमान में हो रहे निर्माण कार्यों और पूर्व में निर्मित मकानों को लेकर बड़ा बयान देते हुए नगरवासियों को आश्वस्त किया है कि नगर को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एसईसीएल द्वारा वर्षों पूर्व खदान संचालन के लिए अधिग्रहित की गई भूमि, जिन खदानों का संचालन अब बंद हो चुका है, उसे राज्य सरकार को वापस दिलाने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं इस संबंध में मध्यप्रदेश सरकार स्तर पर लगातार चर्चा चल रही है और कोल इंडिया को भी पत्राचार किया गया है, जिससे शीघ्र ही कोई सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद है
राम अवध सिंह ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्षों की ओर से मध्यप्रदेश सरकार के समक्ष यह विषय गंभीरता से रखा गया है कि जिन क्षेत्रों में खदानें वर्षों पहले बंद हो चुकी हैं, वहां की भूमि पर आज भी एसईसीएल का अधिग्रहण बना हुआ है, जबकि स्थानीय नागरिक दशकों से वहां निवासरत हैं उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि का प्रश्न नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के आशियाने, जीवन और भविष्य का प्रश्न है इसलिए सरकार और जनप्रतिनिधि इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में कार्य कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री दिलीप जायसवाल, तथा पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक बिसाहूलाल सिंह से लगातार चर्चा हो रही है सभी जनप्रतिनिधि इस विषय पर गंभीर हैं और सामूहिक रूप से ऐसा रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे नगरवासियों को राहत मिले और वर्षों से बसे लोगों के घर सुरक्षित रह सकें
राम अवध सिंह ने विशेष रूप से एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी से जनहित में संवेदनशील रुख अपनाने की अपील की उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में वर्षों से रह रहे लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। जो लोग अपने घर बनाकर वर्षों से जीवनयापन कर रहे हैं, उनके मकानों को क्षतिग्रस्त करने जैसी कार्रवाई से बचा जाए उन्होंने कहा कि प्रशासन और एसईसीएल को यह समझना होगा कि यह केवल अतिक्रमण का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़ा हुआ मामला है
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर में रह रहे लोगों का सहयोग किया जाए, न कि उन्हें भय और असमंजस में डाला जाए यदि खदान बंद हो चुकी है और भूमि का उपयोग खनन में नहीं हो रहा, तो उस भूमि को राज्य शासन को सौंपकर स्थानीय निकाय के माध्यम से व्यवस्थित शहरी विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाना चाहिए। इससे न केवल वर्षों पुरानी भूमि संबंधी समस्या समाप्त होगी, बल्कि नगर के विकास का नया रास्ता भी खुलेगा
राम अवध सिंह ने नगरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे कानून और व्यवस्था के साथ चलें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि एसईसीएल के अवैध विद्युत कनेक्शन का उपयोग तत्काल बंद किया जाए और सभी नागरिक विधिवत एमपीईबी (मध्यप्रदेश विद्युत मंडल) का अधिकृत कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि नगर पालिका इस दिशा में भी कार्य कर रही है और जिन वार्डों में विद्युत पोल नहीं हैं, वहां एस्टीमेट तैयार कर विद्युत पोल लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि नागरिकों को नियमित और सुरक्षित बिजली उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका केवल भूमि विवाद के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर के बुनियादी विकास को लेकर भी प्रतिबद्ध है विद्युत, सड़क, पेयजल और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं नागरिक यदि सहयोग करेंगे तो नगर के विकास की गति और तेज होगी
राम अवध सिंह ने एक बार पुनः नगरवासियों को भरोसा दिलाया कि यह लड़ाई जनता के हक और नगर के अस्तित्व की लड़ाई है उन्होंने कहा कि “हम नगर को उजड़ने नहीं देंगे सांसद, मंत्री, विधायक और शासन स्तर पर लगातार चर्चा जारी है बहुत जल्द कोई न कोई ठोस रास्ता निकलेगा जैसे ही एसईसीएल की अधिग्रहित अनुपयोगी भूमि मध्यप्रदेश शासन को वापस होगी, यह पूरी समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी
अंत में उन्होंने नगर की जनता से धैर्य, संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़े हैं और नगर के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा















































